close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

यूपी के बस्‍ती में बढ़ रहा बुखार का कहर, एक बच्‍ची की मौत

बस्ती जिला अस्पताल में बने चिल्ड्रेन वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों को एडमिट कर इलाज चल रहा है.

यूपी के बस्‍ती में बढ़ रहा बुखार का कहर, एक बच्‍ची की मौत
बस्‍ती में बुखार का कहर. फाइल फोटो

बस्‍ती : जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है. जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के तुर्सी गांव में एक 14 वर्षीय बालिका की तेज बुखार के चलते मौत हो गई और उसके दो भाई बीमारी से ग्रसित हैं. 

तुर्सी गांव के अनुसूचित पुरवे के रामअनुज की पुत्री सावित्री खेतों में बकरी चराने गई थी. घर लौटते ही अचानक तेज बुखार और पैरों में अकड़न के चलते वह जमीन पर लेट गई. परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. थोड़ी ही देर बाद घर पर सावित्री के दो भाई विक्की और संदीप की भी तबीयत अचानक बिगड़ गई. जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत लाया गया. 

सीएचसी प्रभारी डॉ. आसिफ फारुखी, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी शुभकरन के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम तुर्सी गांव पहुंची. जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि सावित्री की मौत की सूचना पर गांव में स्वास्थ्य टीम ने दौरा किया और जांच की. गांव में किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी के फैलने की बात सामने नहीं आई है. लड़की की मौत तेज धूप से आने के बाद तुरंत पानी पीने से हुए स्ट्रोक के कारण हुई है. उसके भाइयों की जांच की जा रही है.

वहीं बस्ती जिला अस्पताल में बने चिल्ड्रेन वार्ड में एक बेड पर दो-दो बच्चों को एडमिट कर इलाज चल रहा है. अस्पलात में भर्ती बच्चों के परिजनों ने बताया कि उनके बच्चों को अचानक से पेट में दर्द उठा और शरीर मे दर्द होना शुरू हो गया देखते ही देखते कुछ समय बाद तेज बुखार चढ़ने लगा, जिसके बाद स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया. जहां प्राथमिक उपचार के दौरान जिला अस्पताल में लेकर आए. यहां पिछले चार दिनों से इलाज चल रहा है.

अब बच्चों की हालत काफी हद तक ठीक हो चुकी है. जिला अस्पताल में तैनात एसआईसी ओपी सिंह का कहना है कि हमारे बुखार से आने वाले सभी बच्चों की चेकिंग की जा रही है, जो अधिक बुखार से पीड़ित हैं, उनके बारे में कंट्रोल रूम को भी सूचित किया जाए. इसके लिए भी सभी डॉक्टरों को बताया गया है. हमारे यहां 10 कमरों का पीकू वार्ड भी है और उसमें 5 बेड और बढ़ा दिए गए हैं. साथ ही जितने भी मरीज आ रहे हैं, उनके परिजनों को भी साफ सफाई रखने के लिए बताया जा रहा है.