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नौकरी करने जमीन बेचकर सऊदी अरब गए थे युवक, अब कह रहे हैं- नहीं जाएंगे विदेश

युवक राहुल ने बताया कि वहां पैसे मांगने पर पिटाई की जाती थी. जो लोग वहां जा रहे हैं, वो कंपनी देखकर ही जाएं. 

नौकरी करने जमीन बेचकर सऊदी अरब गए थे युवक, अब कह रहे हैं- नहीं जाएंगे विदेश
न्नाव पहुंचे युवकों और परिजनों ने शनिवार को सदर विधायक से मुलाकात की. सदर विधायक ने वतन वापसी करने वाले प्रमोद, सचिन और राहुल का मुंह मीठा करवाया.

दयाशंकर/उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले तीन युवकों की लगभग 6 महीने बाद यूएई सऊदी की राजधानी रियाद से वतन वापसी हुई है. आपको बता दें कि युवकों को वहां प्रताड़ित किया जाता था और उनसे काम ना करने पर मारपीट भी की जाती थी. युवकों को प्रताड़ित किए जाने की खबर मिलने पर परिजनों ने सदर विधायक के जरिये प्रदेश और केंद्र सरकार से मदद मांगी थी. सदर विधायक ने 17 जुलाई से 29 जुलाई तक 3 बार विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा. वहीं, 29 जुलाई को उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री को भी पत्र लिखा था. इस पर कार्यवाही करते हुए मंत्रालयन ने युवकों की वतन वापसी करवा दी है.

वहीं, उन्नाव पहुंचे युवकों और परिजनों ने शनिवार को सदर विधायक से मुलाकात की. सदर विधायक ने वतन वापसी करने वाले प्रमोद, सचिन और राहुल का मुंह मीठा करवाया. मीडिया से बात करते हुए युवकों ने पीएम मोदी, गृहमंत्री, विदेश मंत्री के साथ ही यूपी सरकार को भी धन्यवाद दिया. युवक राहुल ने बताया कि वहां पैसे मांगने पर पिटाई की जाती थी. जो लोग वहां जा रहे हैं, वो कंपनी देखकर ही जाएं. आपको बता दें कि इंडियन ओवरसीज सर्विसेज नाम की कंपनी द्वारा इन युवकों को एक लाख 20 हजार रुपये लेकर विदेश भेजा गया था. हालांकि ज़ी मीडिया में खबरें चलने के बाद युवकों को जिस कंपनी ने सऊदी भेजा था. उसी ने वापसी का टिकट कराकर युवकों को मुंबई भेजा. आपको बता दें कि युवक कर्ज लेकर यहां से सऊदी गए थे.

उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के गिरवर खेड़ा निवासी रामप्रसाद पुत्र बाबू गंगा घाट कोतवाली क्षेत्र के देवारा कला निवासी रामसहाय पुत्र शिवराज और अचलगंज थाना क्षेत्र के गांव में उम्मेदखेड़ा निवासी मुन्नीलाल पुत्र सुखलाल ने विदेश मंत्री को पत्र लिखा था. भेजे गए पत्र में बताया कि उनके बेटे सचिन कुमार पुत्र रामप्रसाद, प्रमोद कुमार पुत्र रामसहाय व राहुल कुमार पुत्र मुन्नीलाल को मुंबई निवासी एजेंट अल्ताफ़ खान ने एक लाख बीस हजार रुपये लेकर सऊदी स्थित एक कंपनी में पैकिंग का काम बताकर बीती 22 फरवरी को फ्लाइट से भेजा था. वहीं सदर विधायक पंकज गुप्ता ने ट्वीट और पत्र लिखकर पीएम, गृहमंत्री, विदेश मंत्री से मदद मांगी थी. 

युवकों को सऊदी में रहने के दौरान काफी यातनाएं झेलनी पड़ीं. युवकों को सड़क पर रात भी गुजारनी पड़ी. युवकों की मानें तो बीती 29 जुलाई को इंडियन एंबेसी के कर्मचारी उन्हें देखने वहां पहुंचे थे. लेकिन, वहां पर वो लोग नहीं मिले थे. इसके बाद हरकत में आये विदेश मंत्रालय ने युवकों को वापस लाने का प्रोसेस किया. वहीं, मीडिया में खबर देख युवकों को विदेश भेजने वाली कंपनी ने मामला बढ़ता देख सऊदी से युवकों का मुम्बई का टिकट करवाया. 13 अगस्त को युवक सऊदी के रियाद से निकले और 14 अगस्त को मुंबई पहुंचे. जहां से युवक वापस उन्नाव आये. 

परिजनों के साथ युवकों ने सदर विधायक का धन्यवाद दिया. विधायक ने युवकों के साथ ही परिजनों का मुंह भी मीठा करवाया. युवकों ने बताया कि उनसे केमिकल युक्त खतरे का काम कराया जाता था और काम ना करने पर उन्हें यातनाएं दी जाती थीं. इसके साथ ही उन्हें पैसा मांगने पर पीटा जाता था. युवकों का कहना है कि अब विदेश नहीं जाएंगे.