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सूरत कांड से नहीं लिया सबक, काशीपुर में कोचिंग इंस्टीट्यूट में लगी आग, लाखों का सामान जलकर राख

कोचिंग इंस्टीट्यूट स्वामी के अनुसार इस अग्निकांड में लगभग 5 लाख रुपये के नुकसान होने की संभावना जताई गई है.  

सूरत कांड से नहीं लिया सबक, काशीपुर में कोचिंग इंस्टीट्यूट में लगी आग, लाखों का सामान जलकर राख
प्रतीकात्मक तस्वीर

काशीपुर: हाल ही में गुजरात के सूरत में कोचिंग इंस्टीट्यूट में हुए भीषण अग्निकांड से काशीपुर के अग्निशमन विभाग व प्रशासन ने सबक नहीं लिया है. इसका जीता जागता उदाहरण शनिवार को काशीपुर में उस वक्त देखने को मिला जब नगर के रामनगर रोड स्थित एक कॉन्पलेक्स के द्वितीय तल पर स्थित कोचिंग इंस्टीट्यूट में तड़के भीषण आग लग गई.

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9:00 बजे पहुंचे स्टाफ ने जब कार्यालय खोला तब तक रिसेप्शन हॉल में आग पूरी तरह भड़क चुकी थी. इस दौरान कोचिंग में पढ़ने पहुंचे छात्र-छात्राओं की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. उधर, सूचना पर दमकल की गाड़ी के पहुंचने से पूर्व ही आग पर काबू पा लिया गया था. 

दरअसल, रामनगर रोड पर ग्राम भगवंतपुर निवासी निर्मल सिंह का व्यावसायिक कांपलेक्स है. प्रथम तल पर प्रसिद्ध भज गोविंदम रेस्टोरेंट व द्वितीय तल पर प्रकाश सिटी निवासी हरविंदर सिंह का एआईएम ओवरसीज नाम से कोचिंग इंस्टीट्यूट है. इसमें वीजा प्रोसेसिंग आइलेट्स की कोचिंग लगभग 200 छात्र-छात्राओं को दी जाती है. आज सुबह इंस्टीट्यूट में हॉस्टल चलाने वाले प्रदीप जब इंस्टीट्यूट खोलने पहुंचे तो वह रिसेप्शन में लगी आग देखकर घबरा गए. 

आनन-फानन में उन्होंने को सूचना दी तब तक 100 से अधिक छात्र-छात्राएं भी वहां पहुंच गए थे. सभी ने आग बुझाने की कोशिश की. सूचना पर दमकल विभाग की एक गाड़ी दी मौके पर पहुंची. अग्निकांड में इंस्टीट्यूट का फर्नीचर व अन्य आवश्यक सामान जलकर राख हो गया. कोचिंग इंस्टीट्यूट स्वामी सुखविंदर सिंह के अनुसार इस अग्निकांड में लगभग 5 लाख के नुकसान की आशंका जताई गई है.

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वहीं, दूसरी तरफ इस अग्निकांड के बाद कोचिंग इंस्टीट्यूट में बड़ी लापरवाही उस वक्त सामने आई, जब कोचिंग में आने जाने के लिए रास्ता संकरा होने के चलते छात्र-छात्राओं के बाहर निकलने के लिए एक ही रास्ता बना हुआ निकला. साथ ही आग बुझाने के किसी भी तरह के इंतजाम इंस्टीट्यूट में मौजूद नहीं थे. ऐसे में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी के वक़्त अगर इस तरह की घटना घटित होती तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि गुजरात के सूरत जैसा दूसरा हादसा काशीपुर में घटित हो सकता था.