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डूबती छोटी बहन के लिए बड़ी बहन ने नाले में लगा दी छलांग, अपनी जान गंवा कर बचाई जान

छोटी बहन को बहता देख उसे बचाने के लिए ललिता ने भी नाले में छलांग लगा दी.ललिता ने अपनी बहन को तो किनारे लगा दिया लेकिन वह खुद को तेज बहाव से नही बचा सकी. 

डूबती छोटी बहन के लिए बड़ी बहन ने नाले में लगा दी छलांग, अपनी जान गंवा कर बचाई जान

पिथौरागढ़/ कोमल मेहता:  भारी बरसात के बाद उफनाये नाले ने पिथौरागढ़ में एक स्कूली छात्रा की जान ले ली. पिथौरागढ़ ज़िले के मुनस्यारी स्थित जीआईसी नमजला में पढ़ने वाली एक छात्रा बरसाती गधेरे में बह गई. जिसे बचाने के लिए उसकी बड़ी बहन ने भी नाले में छलांग लगा दी. उसने अपनी बहन को तो बच लिया लेकिन अफसोस कि वह खुद नही बच पायी. नाले में 100 मीटर दूर एक लकड़ी में उसका शव अटका मिला. वही छोटी बहन अभी भी ज़िला अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है.

मुनस्यारी के जीआईसी नमजला में कक्षा 9 की छात्रा ललिता इसी स्कूल में पड़ने में कक्षा 6 में पढ़ने वाली अपनी छोटी बहन रीता व अन्य सहपाठियो के साथ रोज की तरह मंगलवार को भी छुट्टी के बाद घर को निकली थी. ललिता को क्या पता था कि स्कूल से कुछ दूर मौत मौत का नाला उसका इंतज़ार कर रहा है.

डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद विकराल रूप में बह रहे बरसाती नाले घटगाड़ में छोटी बहन रीता का पैर अचानक फिसल गया और वह नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गयी. छोटी बहन को बहता देख उसे बचाने के लिए ललिता ने भी गधेरे में छलांग लगा दी.. ललिता ने अपनी बहन को तो किनारे लगा दिया लेकिन वह खुद को तेज बहाव से नही बचा सकी.

गधेरे में 100 मीटर दूर लकड़ी में फंसा हुआ उसका शव बरामद हुआ.  दरअसल जिस जगह पर यह घटना घटी वहां पर बना पुल 2 जुलाई 2018 की आपदा में बह गया था. तब से लेकर स्थानीय लोग प्रशासन से कई बार इस पुल को बनाने की मांग कर चुके है लेकिन स्थानीय लोगो को सिवाय आश्वासनों के कुछ नही मिल पाया. 

लगभग आधा दर्जन गाँवो के स्कूली बच्चे और ग्रामीण जान हथेली में रखकर हर रोज इस गधेरे को पार करते है.ऐसे में अगर प्रशासन ने स्थानीय लोगो की बात सुनी होती और समय रहते यहाँ पुल बन गया होता तो आज एक छात्रा की जान नही जाती.