close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

उन्नाव: ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गंगा में समाया घर, उफान पर गंगा, दहशत में लोग

Unnao: मंगलवार सुबह गंगाघाट के रविदास नगर मोहल्ले में एक घर देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गंगा में समा गया, जिससे गंगा के किनारे रह रहे परिवारों में दहशत का माहौल है.

उन्नाव: ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गंगा में समाया घर, उफान पर गंगा, दहशत में लोग
कटान के भय के से लोग मकान खाली करने को मजबूर हैं.

उन्नाव, दयाशंकर: उन्नाव (Unnao) के गंगा किनारे रह रहे लोग दहशत में हैं. उनकी दहशत की वजह गंगा के जलस्तर में वृद्धि और तेजी से हो रहा कटान (Edge) है. उन्नाव के गंगाघाट क्षेत्र के रविदास नगर में कटान की वजह से एक घर गंगा में समा गया. गंगा के कटान में मकान के समाने की तस्वीरें कैमरे में कैद हुई हैं. वहीं कटान की वजह से ग्रामीण दहशत में हैं.

 

कई राज्यों में बाढ़ के कहर के बाद अब उन्नाव में भी गंगा तबाही की तरफ बढ़ रही है. बीते 5 दिनों से हो रही बारिश में सूखे पड़े गंगा किनारे के तट पानी से सराबोर हो गए है. तेज बहाव होने से गंगा कटरी में कटान शुरू हो गई हैं. मंगलवार सुबह गंगाघाट के रविदास नगर मोहल्ले में एक घर देखते ही देखते ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गंगा में समा गया, जिससे गंगा के किनारे रह रहे परिवारों में दहशत का माहौल है.

 

लोग कटान वाले हिस्सों में बालू की बोरियों व पेड़ों की डालें डालकर कटान कम करने की कवायद भी कर रहे हैं. जो बहाव तेज होने से नाकाफी साबित हो रहा है तेज बहाव के चलते कटरी के बाशिंदों को आशियाना व गृहस्थी बर्बाद होने का चिंता सता रही है. पानी बढ़ने से उन्नाव गंगा कटरी के बांगरमऊ, सफीपुर, गंजमुरादाबाद, परियर, सरोसी, गंगाघाट, बक्सर क्षेत्र आते है. हर साल की तरह इस बार भी बाढ़ के हालात बन रहे है. 

वहीं, लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा जो कटान रोकने के उपाय किए जा रहे है, वह नाकाफी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी प्रकार कटान होती रही तो दो-तीन दिनों में कई मकान कटान की जद में आ जाएंगे. कटान के भय के से लोग मकान खाली करने को मजबूर हैं. 

एसडीएम सदर ने बताया कि गंगा में तेज कटान से जो मकान गंगा में समा गया है. उस परिवार को सुरक्षित स्थान में पहुंचा दिया गया है. परिवार को सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं,  कटान को रोकने के प्रयास जारी है.