UP: मऊ का एक ऐसा स्कूल जहां भेड़-बकरियों के साथ पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे

इस स्कूल में वर्षों से अवैध कब्जा है. स्कूल परिसर के अन्दर ही लोगों ने छप्पर और टिन डालकर आवास बना लिया है. वहीं पर ये लोग भेड़-बकरियों पालते हैं. 

 UP: मऊ का एक ऐसा स्कूल जहां भेड़-बकरियों के साथ पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे
भेड़-बकरियों का तबेला बन चुका ये प्राथमिक विद्यालय

विजय मिश्रा/मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के कोपागंज ब्लॅाक के रेवरीडीह गांव में बना प्राथमिक विद्यालय भेड़-बकरियों का तबेला बन चुका है. सूबे की सरकार प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए करोड़ों का बजट जारी तो करती है, लेकिन न तो प्राथमिक विद्यालय शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाता और न ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर संजीदगी दिखाई पडती है. जिले के रेवरीडीह गांव के बने प्राथमिक विघालय को देखने से लगता है कि यह कोई विद्यालय नहीं बल्कि तबेला है. स्कूल परिसर के अन्दर गांव वाले घर बनाकर अवैध कब्जा किए हुए हैं. 

गौरतलब है कि हेडमास्टर ने कई बार इसकी लिखित शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी को की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर नतीजा शून्य ही रहा. ग्राम प्रधान की शिकायत भी किसी काम की नही रही है.  
बता दे कि ग्राम प्रधान दिनेश राय बताते है कि उनके गांव में इस प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद खराब है जिसकी शिकायत कई बार जिले के उच्च अधिकारियों से की गई, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नही होती है. कार्रवाई के नाम पर अधिकारी केवल खानापूर्ति करने का काम करता है. 

इस स्कूल में वर्षों से अवैध कब्जा है. स्कूल परिसर के अन्दर ही लोगों ने छप्पर और टिन डालकर आवास बना लिया है. वहीं पर ये लोग भेड़-बकरियों पालते हैं. जिससे आये दिन परिसर में गन्दगी रहती है और बच्चे को बीमार पड़ते हैं. गन्दगी की वजह से गांव के लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजते में कतराते हैं. 

स्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत चन्द्रपति ने बताया, कि स्कूल परिसर में बकरियां घूमती रहती हैं, जिसकी वजह से यहां गन्दगी रहती है. बच्चों की बिमारी के डर से अभिवावक अपने बच्चो को स्कूल नहीं भेजना चाहते.  

स्कूल परिसर के खस्ताहाल पर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी से सवाल किया गया तो उन्होनें बताया कि यह मामला आप के द्वारा संज्ञान में लाया गया है, अब इस मामले की जांच करा कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देने का काम किया जा रहा है.