अब्दुल समद सैफी केस: ट्विटर के जवाब से असंतुष्ट गाजियाबाद पुलिस ने भेजा दूसरा नोटिस

पुलिस ने इस नोटिस में मनीष माहेश्वरी को 24 जून की सुबह 10:30 बजे तक लोनी थाने में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए कहा है. गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक मनीष माहेश्वरी जांच में सहयोग करने से बच रहे हैं. 

अब्दुल समद सैफी केस: ट्विटर के जवाब से असंतुष्ट गाजियाबाद पुलिस ने भेजा दूसरा नोटिस

गाजियाबाद: गाजियाबाद के लोनी में मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी की पिटाई का वीडियो वायरल होने के मामले में ट्विटर इंडिया ने पुलिस को जवाब भेजा. ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी ने गाजियाबाद पुलिस के शुरुआती नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि वह पूछताछ के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर उपलब्ध हो सकते हैं. इस जवाब से संतुष्ट न होने पर गाजियाबाद पुलिस ने अब ट्विटर इंडिया को दूसरा नोटिस जारी किया है. 

पुलिस ने इस नोटिस में मनीष माहेश्वरी को 24 जून की सुबह 10:30 बजे तक लोनी थाने में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के लिए कहा है. गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक मनीष माहेश्वरी जांच में सहयोग करने से बच रहे हैं. इधर पहले नोटिस के जवाब में ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक ने कहा कि जो विवाद हुआ है उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है. हम इस तरह के टॉपिक से डील नहीं करते हैं.

लोनी मामले में इस हफ्ते की शुरुआत में ट्विटर ने गाजियाबाद पुलिस को सवाल भेजने के लिए दूसरी ईमेल आईडी दी थी. गाजियाबाद पुलिस ने कहा कि 19 जून को एक अन्य आईडी पर ईमेल भेजे गए. गाजियाबाद पुलिस ने 20 जून को दावा किया कि 15 जून, 2020 से 15 जून, 2021 के बीच ट्विटर को 26 ईमेल भेजे गए, लेकिन एक का भी जवाब उनकी तरफ से नहीं दिया गया.

न्यायिक हिरासत में भेजा गया इदरिसी
इधर पूरे मामले को झूठा सांप्रदायिक एंगल देने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किए गए सपा नेता उम्मेद पहलावन इदरिसी को 2 सप्ताह के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उम्मेद पहलवान पर आरोप है​ कि मुस्लिम बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी के साथ हुई मारपीट को उसने 'जय श्री राम' के नारे से जोड़कर झूठा सांप्रदायिक  एंगल दिया और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की. घटना के एक सप्ताह बाद उम्मेद ने बुजुर्ग के साथ फेसबुक लाइव किया था.

जानें क्या है अब्दुल समद सैफी का मामला
बुलंदशहर के अनूपशहर में रहने वाले अब्दुल समद सैफी (72 साल) 5 जून को गाजियाबाद के लोनी अपने रिश्तेदार से मिलने गए थे. उनका आरोप है कि उन्होंने ऑटो लिया था, जिसमें चार युवक पहले से सवार थे. युवक उनको किसी अनजान जगह ले गए और एक कमरे में बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की. युवकों ने उनकी दाढ़ी भी काट दी. सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल हुआ वह साइलेंट था. फिर भी उम्मेद कहा कि जय श्री राम नहीं कहने पर युवकों ने अब्दुल समद के साथ मारपीट की.

पुलिस जांच में मामला बिल्कुल उल्टा निकला
वहीं पुलिस जांच में यह पता चला था कि मारपीट करने वाले युवक बुजुर्ग को पहले से जानते थे. अब्दुल समद सैफी ने उन्‍हें ताबीज बनाकर दिया था, लेकिन उसके बाद से उनके घर में कुछ बुरी घटनाएं होने लगीं. इससे नाराज होकर उन्‍होंने बुजुर्ग की पिटाई की थी. हालांकि, बुजुर्ग और उनके परिवार ने ताबीज बनाने की बात से इनकार किया था. फिर एक और वीडियो वायरल हुआ जो मारपीट से पहले का था, जिसमें अब्दुल समद सैफी खुद ताबीज बनाने और उसे देने की बात कह रहे थे.

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