कोडवर्ड से चलता था नकली खून का गोरखधंधा, ग्रुप O था बैंगन और B+ को कहते थे केला

ड सेफ्टी एंड ड्रग विभाग के सहायक आयुक्त पीके मोदी के मुताबिक, आरोपी आपस में कोडवर्ड का इस्तेमाल कर पूरा रैकेट चला रहे थे. 

कोडवर्ड से चलता था नकली खून का गोरखधंधा, ग्रुप O था बैंगन और B+ को कहते थे केला
फाइल फोटो

लखनऊ: लखनऊ में नकली खून के कारोबार करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नया खुलासा हुआ है. आरोपी फोन पर कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे. फूड सेफ्टी एंड ड्रग विभाग के सहायक आयुक्त पीके मोदी के मुताबिक, आरोपी आपस में कोडवर्ड का इस्तेमाल कर पूरा रैकेट चला रहे थे. आरोपी ओ ग्रुप खून के लिए बैंगन और बी पॉजिटीव खून के लिए केले शब्द का कोड इस्तेमाल करते थे. उन्होंने बताया कि पिछले 6 महीने से ये पूरा रैकेट चला रहे थे. 

ATS arrested 5 people who were selling chemical mixed blood in lucknow

फूड सेफ्टी एंड ड्रग विभाग के सहायक आयुक्त पीके मोदी ने बताया, आरोपी लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और फोन पर कोड वर्ड के जरिए अपने साथी से बात करते थे. उन्होंने बताया जैसे ही किसी शख्स को खून की जरूरत होती थी, तब ये गिरोह तीन से चार घंटे में खून का इंतजाम कर देते थे. इन तीन से चार घंटों में ये शराबी, नशेड़ी, जुआरी और रिक्शे वालों को ढूंढ़कर इनका खून कुछ रुपये में लेते और इसमें मिलावट करके खून जरुरमंद तक पहुंचा देते थे. 

ATS arrested 5 people who were selling chemical mixed blood in lucknow

वहीं, उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने राजधानी लखनऊ में सलाइन वॉटर मिलाकर खून के काले कारोबार की जांच का दायरा प्रदेश भर में फैला दिया है. एसटीएफ पूरे प्रदेश में चल रहे इस काले कारोबार को एफएसडीए की मदद से जांच करेगी. एसटीएफ के अनुसार लखनऊ में हुई रेड के बाद पता चला है कि ये काला कारोबार प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी फैला हो सकता है. एसटीएफ के मुताबिक, इस काले कारोबार से जुड़े तीन और लोग निशाने पर हैं. इनके इस धंधे में शामिल होने के सबूत सामने आए हैं. जल्द ही इन्हें हिरासत में लिया जाएगा. यही नहीं मामले में कई ब्लड बैंकों के भी इस गोरखधंधे में शामिल होने का पता चला है.

ATS arrested 5 people who were selling chemical mixed blood in lucknow

आपको बता दें यूपी एसटीएफ ने पिछले दिनों राजधानी लखनऊ में चल रहे खून के काले कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए 5 लोगों को दबोचा. पकड़े गए आरोपी केमिकल और पानी मिलाकर खून का काला कारोबार कर रहे थे. एसटीएफ ने गुरुवार (25 अक्टूबर) देर रात मड़ियांव स्थित दो हॉस्पिटलों में छापा मारकर आठ यूनिट खून बरामद किया. एसटीएफ की यह छापेमारी काफी गोपनीय रही. स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी. गिरोह का सरगना नसीम बताया जा रहा है.