केदारनाथ प्रलय के पांच साल बाद अलीगढ़ में अपने परिवार से मिली चंचल

बाढ़ में वह भी अपने परिवार से बिछड़ गई और किसी भले आदमी ने उसे जम्मू स्थित एक आश्रम द्वारा संचालित अनाथालय भेज दिया था. 

केदारनाथ प्रलय के पांच साल बाद अलीगढ़ में अपने परिवार से मिली चंचल
चाइल्ड लाइन अलीगढ़ के निदेशक ज्ञानेन्द्र मिश्र ने लड़की को उसके घर पहुंचाने में मदद की.

अलीगढ़: केदारनाथ में 2013 में आए जल प्रलय में परिवार से बिछड़ गई 17 वर्षीय चंचल पांच साल बाद अपने परिजन से फिर मिली. अलीगढ़ के बन्नादेवी इलाके में रहने वाले चंचल के दादा हरीश चंद और दादी शकुंतला देवी के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. दादा-दादी ने सोमवार (24 दिसंबर) को बताया कि चंचल मनोरोगी है और वह माता-पिता के साथ केदारनाथ दर्शन करने गई थी. उसी समय तबाही हुई. पिता बाढ़ में बह गये जबकि मां कुछ समय बाद घर लौट आई.

उस समय चंचल की उम्र 12 वर्ष थी. बाढ़ में वह भी अपने परिवार से बिछड़ गई और किसी भले आदमी ने उसे जम्मू स्थित एक आश्रम द्वारा संचालित अनाथालय भेज दिया. चाइल्ड लाइन अलीगढ़ के निदेशक ज्ञानेन्द्र मिश्र ने लड़की को उसके घर पहुंचाने में मदद की. मिश्र ने बताया कि कुछ महीने से आश्रम वाले देख रहे थे कि चंचल बोलचाल की सीमित क्षमता के बावजूद अलीगढ़ के बारे में कुछ बताने का प्रयास कर रही है.

इसके बाद पुलिस की मदद ली गई और फिर चंचल को उसके परिवार में पहुंचाया गया. दादा-दादी ने बताया कि चंचल अभी भी अपने पिता राजेश को पुकारती है. चंचल के दादा-दादी ने बताया कि साल 2012 में उनका बेटा राजेश परिवार सहित अलीगढ़ से गाजियाबाद जाकर रहने लगा. राजेश के कुल सात बेटियां हैं. जिसमें चंचल तीसरे नंबर की है और मानसिक रूप से बीमार है. 
केदारनाथ आपदा में गुम हो गई थी. इसी हादसे में उनके बेटे राजेश की मौत हो गई थी. 

चाइल्ड लाइन अलीगढ़ के निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि आपदा के बाद लापता लोगों में मिली चंचल को उत्तराखंड पुलिस ने बाल कल्याण समिति जम्मू की मदद से उसे जम्मू के बालिका आश्रय स्थल में पहुंचाया था. 12 साल की चंचल का जम्मू आश्रय स्थल में नया नाम तुलसी रखा गया. अब उसकी उम्र साढ़े सत्रह साल हो गई है. कुछ समय बाद चंचल अलीगढ़ को लेकर इशारे में कुछ बताने लगी. इस पर जम्मू बाल कल्याण समिति ने स्थानीय शहर विधायक संजीव राजा से संपर्क कर इसकी जानकारी दी थी. जम्मू कश्मीर पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर और दो महिला कांस्टेबिल चंचल को लेकर सोमवार को अलीगढ़ पहुंचे. यहां बाल कल्याण समिति के माध्यम से उसको दादा दादी को सौंपा गया.