Lockdown में CM योगी के आदेश पर डोरस्टेप डिलीवरी शुरू, 12 हजार से ज्यादा वाहनों की व्यवस्था

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान देना है कि डोर स्टेप डिलीवरी में मूल्य संबंधी किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो. 

Lockdown में CM योगी के आदेश पर डोरस्टेप डिलीवरी शुरू, 12 हजार से ज्यादा वाहनों की व्यवस्था
फाइल फोटो

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 21 दिन के लॉकडाउन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि जिला प्रशासन व बाकी सारे विभाग जुटकर डोरस्टेप डिलीवरी यानि घर-घर डिलीवरी का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे. सिविल सप्लाइज की व्यवस्था के लिए एपीसी (कृषि उत्पादन आयुक्त) की अध्यक्षता में कमिटी गठित की गई है, जो इसका अनुपालन करेगी. उन्होंने कहा कि दुकानों को खोलने को लेकर कोई समय सीमा नहीं रहेगी. दुकानों को पर्याप्त समय तक के लिए खोला जाएगा. यहीं नहीं 21 दिनों के लिए प्रदेश भर में पान मसाला, गुटखा भी बैन किया गया है. ये बातें अपर मुख्य सचिव गृह, अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, अमित मोहन प्रसाद के साथ लोकभवन में कोरोना वायरस के नियंत्रण के सम्बंध में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही.

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि एपीसी की अध्यक्षता में गठित कमिटी द्वारा सभी मंडल आयुक्त, DM, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय मंडियों में खाद्य सामग्री की बल्क सप्लाई की चेन को रोका न जाए, बल्कि जिला प्रशासन इसे सुगम बनाएं. उन्होंने कहा कि जो खाद्य सामग्री विक्रेता, किसान डोरस्टेप डिलीवरी कर रहे हैं उनको न रोका जाए और उनको व्यवस्थित रूप से पंजीकृत करके हर मोहल्ले में डोर स्टेप डिलीवरी आपूर्ति के लिए भेजा जाए. यही नहीं ई-रिक्शा, ठेला, ऑटो, पिक-अप जो भी साधन उपलब्ध हों, सप्लाई के लिए उनकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

डोरस्टेप डिलीवरी से नहीं होगी कोई दिक्कत
अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान देना है कि डोर स्टेप डिलीवरी में मूल्य संबंधी किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एपीसी की अध्यक्षता वाली कमिटी को कम्युनिटी किचन को चालू करने के लिए निर्देशित किया है. विभिन्न होटल, फास्ट फूड मेकर्स, मिड-डे मील संस्थाओं, धर्मार्थ संस्थाओं, मठ, मंदिर, गुरुद्वारे आदि जहां भी बड़ी मात्रा में सुरक्षित फूड तैयार हो सकता है, वहां फूड पैकेट्स तैयार करके मजदूरों के लिए व्यवस्था की जाए.

'डोरस्टेप डिलीवरी' के लिए 12,123 वाहनों की व्यवस्था
अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि तीन बजे तक की सूचना के अनुसार प्रदेश के सभी मंडलों में लगभग 5,419 मोबाइल वैन, ई-रिक्शा, ट्रैक्टर या मोटर गाड़ियों से 'डोरस्टेप डिलीवरी' की व्यवस्था शुरू कर दी गई है. अब तक ठेला, हाथगाड़ी, मैनुअल गाड़ियों में कुल 6,704 गाड़ियों को चिन्हित किया जा चुका है. इनको जोड़ दिया जाए तो 'डोरस्टेप डिलीवरी' के लिए 12,123 वाहनों की व्यवस्था हो गई है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर और लखनऊ में मेडिकल शॉप के बाहर चॉक से निशान बनाकर (सोशल डिस्टेंसिंग) दवाओं का वितरण किया जा रहा है.

कल से पूरे प्रदेश में सख्ती के साथ लॉक डाउन की व्यवस्था
अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी  ने कहा कि कल से पूरे प्रदेश में सख्ती के साथ लॉक डाउन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. पूरे प्रदेश में पुलिस ने 1788 एफआईआर धारा 188 के उल्लंघन में दर्ज की है. कुल मिलाकर 5592 लोगों का चालान किया गया है. इसमें अबतक 6082 बैरियर प्रदेश के विभिन्न शहरों में लगा दिए गए हैं. उन्होंने प्रदेश वासियों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक कोई भी घरों से बाहर न निकलें.

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से 10 हजार प्रधानों को फोन किया गया
अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से 10 हजार प्रधानों को फोन किया गया है और पिछले दो हफ्तों में बाहर से आये लोगों की जानकारी ली गई है. ताकि जो भी संदिग्ध व्यक्ति है उसकी चेकिंग और मॉनिटरिंग कराई जा सके. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी स्वास्थ्य से जुड़ी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. यही नहीं हर जिले में डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रुम बनाने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है, जिसके संबंध में जल्द ही जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश में भी सभी विधायक, एमएलसी, मंत्री अपनी निधि से मेडिकल साधनों के लिए धनराशि उपलब्ध कराएंगे. यही नहीं लॉक डाउन के वक्त पूरे प्रदेश में एक सफाई अभियान चलाए जाने का भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है.

'अभी तक प्रदेश में पीड़ितों की संख्या 38'
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अभी तक 38 पीड़ितों की संख्या सामने आई है. अब तक प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा आइसोलेशन बेड चिन्हित किए जा चुके हैं. वहीं अभी दूसरे राज्यों और प्रांतों से जो लोग लौटकर आए हैं उन्हें 15 दिन तक अपने घर पर ही रहने की  अपील की गई है. होम क्वारनटाइन के दौरान अगर किसी व्यक्ति को कोरोना से जुड़े कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो वो स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर फोन करें. प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना के उपचार को लेकर सरकार की तरफ से तीन स्तरीय व्यवस्था की जा रही है. जिलों में सीएचसी को कोविड अस्पताल में तब्दील किया जा रहा है. जिले स्तर पर जो अस्पताल हैं उन्हें लेवल 2 का अस्पताल बनाया जा रहा है. तीसरे लेवल के लिए चिकित्सा शिक्षा द्वारा बनाए गए विशिष्ट अस्पतालों को शामिल कराया जा रहा है.

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