आगरा: कचरा उठाने के नाम पर हो गया 2.82 करोड़ का घोटाला, 4 फर्म्स ने किया फर्जीवाड़ा

 मई और जून 2019 में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किए गए हाउस होल्ड की संख्या के सापेक्ष इन चारों फर्म्स ने लोगों से धनराशि वसूल की. लेकिन इस राशि को नगर निगम के कोष में पूरा जमा नहीं किया. 

आगरा: कचरा उठाने के नाम पर हो गया 2.82 करोड़ का घोटाला, 4 फर्म्स ने किया फर्जीवाड़ा
प्रतीकात्मक फोटो

आगरा: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के नाम पर 2.82 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है. कूड़ा उठाने वाली फर्मों ने फर्जीवाड़ा करके 2.82 करोड़ की रकम का गबन कर लिया. आरोप है कि चारों फर्म ने लोगों से रकम वसूली करने के बाद उसे नगर निगम के कोष में जमा नहीं कराया. निगम को जब इस बात का पता चला तो इसकी जांच कराई और धोखाधड़ी पाए जाने पर चारों फर्म्स को वसूली का नोटिस दिया गया है. 

कचरा उठाने के लिए मिले 2.82 करोड़ रुपये का गबन किया
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करना था. नगर निगम ने इसके लिए झांसी की तीन फर्म्स - मैसर्स अरवा एसोसिएट, मैसर्स सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड वेलफेयर, ओम मोटर्स और ग्वालियर की एक फर्म मैसर्स एस.आर.एम.टी वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया था. मई और जून 2019 में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किए गए हाउस होल्ड की संख्या के सापेक्ष इन चारों फर्म्स ने लोगों से धनराशि वसूल की. लेकिन इस राशि को नगर निगम के कोष में पूरा जमा नहीं किया. 

अब चारों फर्म्स पर मुकदमा 
भुगतान में घोटाला करने की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों को जब मिली, तो उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी गठित करके घोटाले की जांच कराई. कमेटी ने जांच में पाया कि चारों फर्म द्वारा 2.82 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान नगर निगम के कोष में नहीं कराया गया. जांच में धोखाधड़ी की बात सामने आने पर आरोपियों को नोटिस देकर रकम जमा कराने को कहा गया. रकम जमा नहीं कराने पर नगर निगम के पर्यावरण अभियंता ने हरीपर्वत थाने में चारों फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. फिलहाल चारों फर्म्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. 

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किस फर्म ने खाया कितना पैसा?
मैसर्स अरवा एसोसिएट ने 57 लाख 99 हजार 707 रुपये का गबन किया. दूसरी फर्म मैसर्स सोसायटी फार एजुकेशन एंड वेलफेयर फार ऑल ने 43 लाख 57 हजार 790 रुपये का घोटाला किया. तीसरी फर्म ओम मोटर्स ने 1 करोड़ 20 लाख 68 हजार 751 रुपये का घोटाला किया और चौथी फर्म मैसर्स एस.आर.एम.टी वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने 60 लाख 60 हजार रुपये का गबन कर लिया. 

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