आगरा में पकड़े गए मानव तस्करों के तार नेपाल से जुड़े, करते थे किराए की कोख का अवैध धंधा

नेपाल के एक दंपती ने किराए की कोख के लिए हरियाण के फरीदाबाद में चल रहे अवैध सरोगेसी के एक गैंग से संपर्क किया था. डील के तहत दो महिलाओं ने तीन बच्चों को जन्म दिया. गैंग के सदस्य शुक्रवार को एक महीने के 3 नवजात बच्चों को नेपाल पहुंचाने जा रहे थे.

आगरा में पकड़े गए मानव तस्करों के तार नेपाल से जुड़े, करते थे किराए की कोख का अवैध धंधा
प्रतीकात्मक फोटो

आगरा:  पुलिस ने फतेहाबाद टोल पर 3 नवजात बच्चों के साथ 5 लोगों को पकड़ा. जब उनसे पूछताछ की गई तो कहानी सुनकर पुलिस के होश ही उड़ गए. ये लोग तीनों नवजात बच्चों को नेपाल में छोड़ने जा रहे थे. बच्चों की डिलिवरी के लिए सरोगेसी का काम इनका पूरा गिरोह करता था. इसके लिए हरियाणा और बिहार समेत कई राज्यों से महिलाओं को सरोगेसी के लिए तैयार किया जाता था और फिर बच्चों की डिलीवरी कराई जाती थी.

नेपाली दंपती को देने जा रहे थे बच्चों की डिलीवरी 
नेपाल के एक दंपती ने किराए की कोख के लिए हरियाण के फरीदाबाद में चल रहे अवैध सरोगेसी के एक गैंग से संपर्क किया था. डील के तहत दो महिलाओं ने तीन बच्चों को जन्म दिया. गैंग के सदस्य शुक्रवार को एक महीने के 3 नवजात बच्चों को नेपाल पहुंचाने जा रहे थे, तभी फतेहाबाद टोल पर पुलिस ने इन मानव तस्करों को धर दबोचा.

2 महिलाओं समेत 5 की गिरफ्तारी
SP पूर्व प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि 3 बच्चों के लेकर फरीदाबाद का गैंग उन्हें गोरखपुर बेचने ले जा रहा है. ऐसे में पुलिस ने बैरियल लगाकर गाड़ियां रोकीं और ड्राइवर समेत 2 महिलाओं और 5 लोगों को गिरफ्तार किया. सभी को पूछताछ के लिए थाने लाया गया. इनमें से एक महिला ने गैंग का पर्दाफाश कर दिया. फिलहाल मुकदमा लिखकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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NCR से नेटवर्क चलाते हैं कोख के सौदागर 
आगरा में पकड़ी गईं हरियाणा के फरीदाबाद की दोनों महिलाएं NCR के नेटवर्क से जुड़ी हैं. महिलाओं से की गई प्रारंभिक पूछताछ में ये स्पष्ट हो गया है कि उनका संपर्क बड़े गिरोह से है. पुलिस का मानना है कि दूसरे देश के दंपतियों से संपर्क करने से लेकर उन्हें NCR में बुलाकर सेरोगेसी की प्रक्रिया कराई गई होगी. ये प्रक्रिया किसी अच्छे अस्पताल में बिना कानूनी औपचारिकता पूरी किए की गई है. ऐसे में आशंका है कि डॉक्टर भी इस नेटवर्क से जुड़े हुए होंगे. पुलिस अब नेटवर्क के साथ-साथ नेपाल के उस दंपती की भी जानकारी जुटा रहे हैं, जहां बच्चों की डिलीवरी होनी थी.

दिल्ली से गोरखपुर तक फैला है नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि किराए की कोख का ये संगठित नेटवर्क है. कार का एक ड्राइवर दिल्ली के हरि नगर का है जबकि दूसरा ड्राइवर गोरखपुर का ही रहने वाला है. ड्राइवर ने बताया कि उसे फरीदाबाद के युवक ने कॉल करके गोरखपुर के लिए कार बुक की थी. ड्राइवर का कहना है कि उसे सिर्फ महिला को छोड़ने के लिए कहा गया, इसके अलावा उसे कोई जानकारी नहीं है. 

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साढ़े 3 लाख में हुआ था मासूमों का सौदा 
पूछताछ में पता चला है कि बिहार की एक महिला ने किराए की कोख के लिए साढ़े तीन लाख रुपये लिए थे. रुपये मिलने के बाद उसने बच्चे गैंग के सुपुर्द कर दिए. वहीं पकड़ी गई दूसरी महिला एक बच्चे की सगी मां है. एस पी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि गैंग एक साल से इस धंधे में लिप्त है. गैंग के सदस्य किराए की कोख के लिए रुपये लेने के बाद डिलीवरी उनके ठिकाने पर करवाते है, लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें फरीदाबाद में ही बच्चे डिलीवर करने पड़े. 

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