)
कपिल अग्रवाल/आगरा: ताजनगरी आगरा में पहली बारिश ने ही स्मार्ट सिटी की पोल खोल दी है. शहर की वीआईपी रोड पर खेरिया मोड़ के पास कई फीट तक पानी भर गया. इससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया. सबसे बड़ी बात यह है कि इसी मार्ग पर एयरफोर्स का मुख्य गेट है और ठीक पास में भाजपा सांसद राजकुमार चाहर का आवास भी स्थित है. इसके बावजूद हर साल बारिश में यहां जलभराव की वही पुरानी तस्वीर देखने को मिलती है.
आगरा की वीआईपी रोड पर जलभराव
बारिश के बाद खेरिया मोड़ तालाब में तब्दील हो गया. सड़क पर कई फीट तक पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन रेंगते हुए नजर आए. राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई वाहन पानी में फंस गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले अधिकारी निरीक्षण करते हैं और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने का भरोसा देते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही सारे दावे पानी में बह जाते हैं और हालात पहले जैसे ही हो जाते हैं.
कारोबार पर पड़ता है असर
सड़क के दोनों ओर बनी दुकानों के कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है. दुकानदारों का कहना है कि कई बार पानी दुकानों के अंदर तक घुस जाता है. इससे सामान खराब होता है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. उनका कहना है कि जब तक बारिश का मौसम रहेगा, तब तक यह परेशानी भी बनी रहेगी. ऐसी ही स्थिति आगरा-जगनेर मार्ग पर धनौली क्षेत्र में भी देखने को मिली, जहां जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर भारी जलभराव हो गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया.
नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं
हालांकि, नगर निगम की टीमें पानी निकालने के लिए पंप और गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचीं, लेकिन अधिक जलभराव होने के कारण निकासी का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है. लोगों का कहना है कि जब तक जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होगी, तब तक हर बारिश में शहर की यही तस्वीर सामने आती रहेगी. वीआईपी रोड हो या आगरा-जगनेर मार्ग, हर साल बारिश के साथ जलभराव की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है. सवाल यही है कि आखिर कब तक आश्वासनों का सिलसिला चलता रहेगा और कब लोगों को इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी.