Deepti Sharma: दीप्ति शर्मा न सिर्फ क्रिकेट में बल्कि बैडमिंटन में भी माहिर हैं. उनकी एकेडमी में बच्चे उनसे क्रिकेट की बारीकियां सीखते हैं, वहीं बैडमिंटन खेलने वालों को भी वह रैकेट पकड़ने और शॉट लगाने के सही तरीके सिखाती हैं. टीमवर्क और अनुशासन पर जोर देना उनकी खासियत है.
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मैदान पर चौके-छक्के लगाने वाली दीप्ति रसोई में भी माहिर हैं. उनकी मां सुशीला शर्मा बताती हैं कि बेटी को बचपन से पोहा बनाना बेहद पसंद है. जब भी दीप्ति घर आती है, किचन में जरूर जाती है और सबके लिए पोहा बनाती है. परिवार के लिए यह पल बेहद खास और भावनात्मक होते हैं.
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दीप्ति ने अपनी मां से वादा किया था कि जब वह वर्ल्ड कप जीतेगी, तो उनके साथ मिलकर पोहा बनाएगी. अब जब वह घर आने वाली हैं, परिवार इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. मां कहती हैं, “दीप्ति हमेशा कहती है, पहले पोहा खाओ, फिर बात करो.”
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दीप्ति शर्मा का जन्म 24 अगस्त 1997 को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के शमशाबाद कस्बे में हुआ. पिता भगवान शर्मा रेलवे में कार्यरत थे, जबकि मां सुशीला शर्मा स्कूल की प्रधानाचार्या रहीं. एक सामान्य परिवार से निकलकर दीप्ति ने मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई.
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सिर्फ 9 साल की उम्र में दीप्ति ने क्रिकेट खेलना शुरू किया और 13 साल की उम्र में यूपी टीम में चयन हुआ. चार साल की मेहनत और अभ्यास के बाद उन्होंने राज्य टीम के लिए खेलना शुरू किया. यहीं से उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की नींव पड़ी, जिसने उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
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साल 2014 में दीप्ति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला. इसके बाद जनवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 डेब्यू और जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. तीनों प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली वह गिनी-चुनी खिलाड़ियों में से हैं.
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2017 में आयरलैंड के खिलाफ दीप्ति शर्मा ने पूनम राउत के साथ 320 रनों की विश्व रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी की. इस पारी में दीप्ति ने शानदार 188 रन बनाए थे. यह पारी न केवल उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बनी.
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खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दीप्ति शर्मा को वर्ष 2020 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उनकी खेल शैली और ऑलराउंड क्षमता के कारण उन्हें अक्सर भारतीय क्रिकेट का “युवराज सिंह” कहा जाता है. उनका प्रदर्शन नई पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है.
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उत्तर प्रदेश सरकार ने दीप्ति शर्मा को उनके शानदार खेल योगदान के लिए पुलिस विभाग में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर नियुक्त किया. यह सम्मान न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि भी बनी.