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रामपुर/सुरेश दिवाकर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के दढ़ियाल चौकी क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दो पत्नियों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए गांव में बुलाई गई पंचायत ने ऐसा फैसला सुनाया, जिसकी पूरे इलाके में चर्चा हो रही है. पंचायत ने पति की आर्थिक जिम्मेदारियां तय करने के साथ-साथ यह भी निर्धारित कर दिया कि वह किस पत्नी के साथ सप्ताह में कितने दिन रहेगा.
14 साल पहले पहली शादी, फिर की दूसरी शादी
जानकारी के अनुसार, युवक की पहली शादी करीब 14 साल पहले हुई थी. इसके लगभग 10 साल बाद उसने दूसरी शादी कर ली. दोनों पत्नियों से उसकी दो-दो बेटियां हैं. पहली पत्नी का आरोप था कि दूसरी शादी के बाद पति ने उसे और उसकी बेटियों की अनदेखी शुरू कर दी. वह न तो घर का खर्च उठा रहा था और न ही परिवार को समय दे रहा था. इससे परेशान होकर पहली पत्नी ने दढ़ियाल पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस तक पहुंचा मामला, फिर बुलाई गई पंचायत
शिकायत के बाद दोनों पक्षों के परिजन और गांव के गणमान्य लोग आगे आए. कानूनी कार्रवाई से पहले गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें कई घंटों तक दोनों पक्षों की बात सुनी गई. पंचायत ने माना कि माता-पिता के विवाद का सबसे अधिक असर चारों बेटियों पर पड़ रहा है, इसलिए परिवार में शांति बनाए रखने के लिए बीच का रास्ता निकालना जरूरी है.
पंचायत ने तय किया खर्च और रहने का शेड्यूल
लंबी चर्चा के बाद पंचायत ने आपसी सहमति से पति के लिए कुछ शर्तें तय कीं.
पहली पत्नी के घर हर महीने पूरा राशन पहुंचाना होगा.
पहली पत्नी के निजी और रोजमर्रा के खर्च के लिए हर सप्ताह 500 रुपये देने होंगे.
पति सप्ताह में 3 दिन पहली पत्नी और 3 दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा.
सातवें दिन वह अपनी इच्छा से किसी भी पत्नी के साथ रह सकेगा.
इलाके में चर्चा का विषय बना फैसला
पंचायत का मानना है कि इस व्यवस्था से दोनों परिवारों के बीच संतुलन बना रहेगा, आर्थिक जिम्मेदारियां पूरी होंगी और घरेलू विवाद कम होगा. फिलहाल दोनों पक्ष इस फैसले पर सहमत बताए जा रहे हैं. हालांकि, यह पंचायत का फैसला है, इसे किसी अदालत का कानूनी आदेश नहीं माना जाता. यही वजह है कि यह अनोखा समझौता पूरे इलाके के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है.