योगी सरकार की मैनेजमेंट क्लास पर अखिलेश का निशाना, अच्छा होता प्रदेश को 2 और IIM मिल जाते

अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए सरकार की खिंचाई की. उन्होंने कहा कि मैं IIM के प्रोफेसर से कहना चाहूंगा कि इस सरकार को समझाएं कि रिवर फ्रंट एक अच्छा बिजनेस मॉडल कैसे हो सकता है. 

योगी सरकार की मैनेजमेंट क्लास पर अखिलेश का निशाना, अच्छा होता प्रदेश को 2 और IIM मिल जाते

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रियों के लिए रविवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), लखनऊ में लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम ‘मंथन-3’ का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी और उनकी कैबिनेट के सहयोगी भाग ले रहे हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि बार-बार IIM में जाने से अच्छा यह होता कि उत्तर प्रदेश को दो और IIM मिल जाते. ये लीडर्स तब जा रहे हैं, जब सरकार का आधा समय पूरा हो गया.  IIM में जाना था तो शुरू में ही एक हफ्ते का कोर्स करते, तब तो ढाई साल अच्छा गुजरता . जब ढाई साल ही खराब कर दिया तब जा रहे हैं. 

अखिलेश यादव समाजवादी चिंतक और समाजवादी विचारधारा के नेता स्वर्गीय मोहन सिंह के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा में यह बात कही. अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए सरकार की खिंचाई की. उन्होंने कहा कि मैं IIM के प्रोफेसर से कहना चाहूंगा कि इस सरकार को समझाएं कि रिवर फ्रंट एक अच्छा बिजनेस मॉडल कैसे हो सकता है. सरकार को समझना चाहिए कि इस प्रोजेक्ट में  बहुत पैसा खर्च किया गया है. आरोपों की जांच भी हो चुकी है. अब सरकार को इसे टूरिस्ट के लिए अट्रैक्शन प्वाइंट बनाने की दिशा में काम करना चाहिए. इससे रोजगार भी पैदा होंगे और कमाई भी होगी.

अखिलेश यादव ने कहा कि जब योगी सरकार को इंवेस्टर्स समिट का आयोजन करना होता है तब यहां लाइट जला दी जाती है. इंवेस्टर्स समिट समाप्त होने के बाद लाइट बुझा दी जाती है. अब जब पूरी सरकार IIM में मैनेजमेंट का पाठ पढ़ने जा रही है तो रिवर फ्रंट पर ध्यान देने की जरूरत है.

बड़े-बड़े देशों में रिवर फ्रंट एक सक्सेसफुल मॉडल है. मैं इसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करना चाहता था. मेरी कोशिश यहां दुनिया का सबसे अच्छा फब्बारा लगाने की थी, जिससे लोगों का मनोरंजन हो सके. योगी सरकार को जरूर इस विषय पर विचार करने की जरूरत है.

वह आगे कहते हैं, एक्सप्रेसवे से सरकार खूब पैसे कमा रही है. रोजाना करोड़ों की कमाई हो रही है. उन्हें IIM में यह सीखना चाहिए कि कैसे एक्सप्रेसवे की क्वालिटी बरकरार रहे और उसका सही से मेंटिनेंस हो. उन्हें यह भी सीखने की जरूरत है कि कैसे गड्ढा मुक्त सड़क का निर्माण हो.

सड़कों के अभी भी कई प्रोजेक्ट्स अधूरे पड़े हैं. इन लोगों को IIM से यह भी सीखना चाहिए कि कैसे प्रोजेक्ट्स कंप्लीट किए जाते हैं, और अगर नहीं सीख पा रहे हैं तो समाजवादियों को मौका दें और हम फिर से दिखाएंगे कि कैसे 21 महीने में एक्सप्रेसवे तैयार होता है और उसपर मिराज और सुखोई जैसे विमान उतरते हैं.