अखिलेश यादव ने नैतिकता के आधार पर केंद्र की BJP सरकार से भी इस्‍तीफा मांगा

सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आज का दिन धनबल की जगह जनमत की जीत का दिन है.

अखिलेश यादव ने नैतिकता के आधार पर केंद्र की BJP सरकार से भी इस्‍तीफा मांगा
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर जमकर साधा निशाना. (फाइल फोटो)

लखनऊ : कर्नाटक विधानसभा चुनावों में सर्वाधिक सीटें जीतकर प्रदेश में सरकार बनाने वाली बीजेपी की सरकार शनिवार को गिर गई. बीएस येदियुरप्‍पा ने तीन दिन बाद मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया. इस पर उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री और सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्‍होंने मामले पर ट्वीट करके कहा 'आज का दिन भारतीय राजनीति में धनबल की जगह जनमत की जीत का दिन है. सबको खरीद लेने का दावा करने वालों को आज यह सबक मिल गया है कि अभी भी भारत की राजनीति में ऐसे लोग बाकी हैं, जो उनकी तरह राजनीति को कारोबार नहीं मानते'. अखिलेश यादव ने केंद्र में बीजेपी की सरकार को घेरते हुए कहा कि नैतिक रूप से तो केंद्र की सरकार को भी इस्‍तीफा दे देना चाहिए.

 

बता दें कि शनिवार को कर्नाटक में बीजेपी की सरकार गिरने के बाद विपक्ष के नेता बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं. मायावती का कहना है कि हर साजिश काम नहीं आती. बीजेपी हर राज्‍य में कब्‍जा करना चाहती है. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी अल्‍पमत में भी सरकार बनाना चाहती थी. लेकिन काठ पर हांडी बार-बार नहीं चढ़ती. मायावती ने शनिवार को कर्नाटक मामले पर सुप्रीम कोर्ट का भी धन्‍यवाद दिया. उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने लोकतंत्र को बचा लिया. वहीं राज बब्‍बर ने भी बीजेपी की इस हार को लोकतंत्र की जीत बताया है. साथ ही यूपी कांग्रेस प्रमुख राज बब्‍बर ने कर्नाटक में बीजेपी की सरकार दो दिन में गिर जाने पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को बधाई दी. उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी जी के हौसले और हिम्‍मत को सलाम.

 

 

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार को विधानसभा में बहुमत साबित करने से पहले भावुक भाषण दिया. येदियुरप्पा ने कहा 'मेरे पास संख्या नहीं है. यदि 113 सीट होती तो राज्य की तस्वीर कुछ अलग होती'. उन्होंने कहा  'मैं राज्य के हर इलाके में जाउंगा और किसानों और दलितों के लिए जो मेरा संघर्ष है वो जारी रहेगा'. उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठे मेरे दोस्तों में से कुछ लोगों को विश्वास था कि केंद्र में मोदी जी की सरकार है और यहां हमारी सरकार के साथ मिलकर कर्नाटक का भला होगा. लेकिन ऐसा नहीं हो सका.