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फिर सड़क पर उतरा 'अन्‍नदाता', जानिये आखिर क्‍या हैं इनकी मांगें

farmer protest: हजारों किसान दिल्‍ली और यूपी की सीमा पर एकत्र हैं और वहां धरने पर बैठे हैं.

फिर सड़क पर उतरा 'अन्‍नदाता', जानिये आखिर क्‍या हैं इनकी मांगें
किसान आज दिल्‍ली कूच कर रहे हैं. फोटो ANI

नई दिल्‍ली (अंजलि मुद्गल): एक बार फिर से देश का अन्नदाता अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर है. यूपी के सहारनपुर से 11 सितंबर को शुरू हुई किसान यात्रा दिल्ली-एनसीआर पहुंच चुकी है. हजारों किसान दिल्‍ली और यूपी के गाजियाबाद स्थित गाजीपुर बॉर्डर पर एकत्र हैं और वहां धरने पर बैठे हैं.

उनका कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे दिल्‍ली कूच करेंगे. आखिर कौन-कौन सी वो प्रमुख मांगें हैं, जिनकी वजह से बार-बार सड़क पर उतरने और आंदोलन करने को मजबूर होते हैं देश के किसान, यहां जानिए

किसानों की प्रमुख मांगें-

1. किसानों के कर्ज की माफी.

2. फसलों का उचित मूल्य देने की मांग.

3. गन्ना बकाये का 14 दिनों में भुगतान कराया जाए.

4. किसानों के लिए बिजली की दरों में कमी की जाए.

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5. किसानों के बच्चों का पहली कक्षा से 8वीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दी जाए.

6. स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू की जाए.

7. पश्चिमी यूपी में अलग से हाईकोर्ट की बेंच का गठन किया जाए.

दिल्‍ली पुलिस भी अलर्ट पर
यह कोई पहला मौका नहीं है, जब किसानों की ओर से इस तरह का प्रदर्शन किया जा रहा हो. इससे पहले भी किसान कई बार कई राज्यों में आंदोलन कर चुके हैं. यूपी हो या बिहार, मध्य प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक के किसानों की तस्वीर किसी से छिपी नहीं है. किसानों के पिछले विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस पहले से ही हाई अलर्ट पर है. दिल्ली यूपी बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है और कई रूट डायवर्ट भी किए गए हैं.

पहले भी अन्‍नदाता कर चुका आंदोलन 
किसानों के बीच एक ही सवाल घूमता नजर आता है कि वे आखिर ऐसा क्या करें कि उनकी बात सरकार तक पहुंचे. इससे पहले किसान कभी अपनी उपज सड़कों पर फेंककर बर्बाद कर चुका है तो कभी सड़क पर दूध बहाकर, कभी जल समाधि लेकर तो कभी शव आसन करके किसान अपनी नाराजगी जता चुके हैं. वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने की बात कई बार की गई है. 

बता दें कि भारतीय किसान संगठन के नेतृत्‍व में यह पदयात्रा 11 सितंबर को सहारनपुर से शुरू हुई थी जो आज गाजियाबाद-दिल्‍ली बॉर्डर पर स्थित गाजीपुर में एकत्र हो रहे हैं. इस दौरान हजारों किसान यहां एकत्र हुए हैं और यहां धरने पर बैठ गए हैं. किसानों को दिल्‍ली जाने से रोकने के लिए यूपी गेट पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है.

भारतीय किसान संगठन के अध्‍यक्ष पूरन सिंह के अनुसार किसानों की मांगों के संबंध में 11 किसान प्रतिनिधि कृषि भवन में सरकारी अधिकारियों से बातचीत करने गए हैं. अगर हमारी मांगें मान ली जाती हैं तो हम दिल्‍ली-यूपी बॉर्डर से लौट जाएंगे, वरना हम दिल्‍ली कूच करेंगे.