UP: सरकारी विभागों में स्वीकृत पदों पर हो रही संविदा भर्तियों पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक

 याची ने याचिका दायर कर मांग की है कि सरकार ने उसका रजिस्ट्रेशन खारिज कर दिया है, जिसे बहाल किया जाए. 

UP: सरकारी विभागों में स्वीकृत पदों पर हो रही संविदा भर्तियों पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक
अदालत ने एक सप्ताह में सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए अगली सुनवाई 27 नवम्बर को नियत की है.

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अहम फैसला देते हुए पूरे प्रदेश के सरकारी विभागों में नियमित स्वीकृत पदों पर आउटसोर्सिंग से हो रही संविदा भर्तियों पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के उमादेवी केस के बाद सेवा प्रदाता फर्मों से किस नियम से सरकारी विभागों में संविदा भर्तियां हो रही हैं. न्यायमूर्ति मुनीस्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव की पीठ ने याची मेसर्स आर एम एस टेक्नोसलूशन लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश दिए हैं. 

दरअसल, याची ने याचिका दायर कर मांग की है कि सरकार ने उसका रजिस्ट्रेशन खारिज कर दिया है, जिसे बहाल किया जाए. अदालत ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी. अदालत ने यूपी सरकार से पूछा कि आउटसोर्सिंग से नियमित पदों के सापेक्ष संविदा या कॉन्ट्रैक्ट पर किस तरह से भर्तियां हो रही हैं. वहीं, सुनवाई के दौरान यूपी सरकार की ओर से बताया गया कि इस मामले में सरकार नीति बना रही है और शीघ्र ही भर्ती की नीति बन जाएगी. अदालत ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पूरे प्रदेश में मैनपवार सप्लाई से सरकारी दफ्तरों में भर्तियों पर रोक लगा दी है. अदालत ने एक सप्ताह में सरकार से स्पष्टीकरण मांगते हुए अगली सुनवाई 27 नवम्बर को नियत की है.