इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के एक गांव में भूमि अधिग्रहण के फैसले को किया निरस्त
X

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के एक गांव में भूमि अधिग्रहण के फैसले को किया निरस्त

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद के एक गांव में आठ वर्ष पहले हुए भूमि अधिग्रहण को निरस्त करते हुए, सिर्फ एक निजी रियल एस्टेट कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकारी आदेशों एवं कानूनी प्रावधानों की अवहेलना करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की खिंचाई की।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के एक गांव में भूमि अधिग्रहण के फैसले को किया निरस्त

इलाहाबाद : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद के एक गांव में आठ वर्ष पहले हुए भूमि अधिग्रहण को निरस्त करते हुए, सिर्फ एक निजी रियल एस्टेट कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकारी आदेशों एवं कानूनी प्रावधानों की अवहेलना करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की खिंचाई की।

न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा की खंडपीठ ने देवकी और डुडा हेड़ा गांव के कई अन्य निवासियों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। वर्ष 2008 में जीडीए ने इस गांव की जमीन का अधिग्रहण किया था।

अदालत ने कहा कि सिर्फ निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भूमि का अधिग्रहण किया गया था। गौरतलब है कि अंसल प्रोपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को भी इस मामले में पक्ष बनाया गया था।

Trending news