इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने एग्जाम को लेकर फिर पलटा फैसला, देर शाम विज्ञप्ति जारी कर बताया ये

बीती देर शाम लगभग 9.00 बजे PRO डॉ. जया कपूर ने एक विज्ञप्ति जारी की, जिसमें बताया गया कि अब फर्स्ट सेमेस्टर के एग्जाम भी आयोजित किए जाएंगे. यह एग्जाम ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर और मास्टर्स लास्ट ईयर के एग्जाम के साथ (जुलाई या अगस्त में) होंगे.

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने एग्जाम को लेकर फिर पलटा फैसला, देर शाम विज्ञप्ति जारी कर बताया ये

प्रयागराज: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी समेत उसके एफिलिएटेड कॉलेजों में भी मास्टर्स और इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (IPS) कोर्स के फर्स्ट सेमेस्टर के स्टूडेंट्स को भी अब एग्जाम देना होगा. इससे यह बात नजर आ रही है कि परीक्षा समिति में लिए गए फैसले में यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट ऑफिसर खुद ही उलझ गए हैं. इसी वजह से दूसरे दिन (बुधवार) देर शाम इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया.

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पहले यह लिया गया था फैसला
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मंगलवार को परीक्षा समिति की मीटिंग हुई थी, जिसमें फैसला लिया गया था कि ग्रेजुएशन सेकंड ईयर को प्रमोट और थर्ड ईयर के स्टूडेंट्स को बिना एग्जाम के पास किए जाएंगे. एग्जाम कंट्रोलर प्रोफेसर रमेन्द्र कुमार सिंह की तरफ से आदेश जारी किया गया कि मास्टर्स और प्रोफेशनल कोर्स के लास्ट ईयर स्टूडेंट्स को छोड़कर सभी को प्रमोट कर दिया जाएगा.

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PRO ने अचानक जारी की ये रिलीज
बीती देर शाम लगभग 9.00 बजे PRO डॉ. जया कपूर ने एक विज्ञप्ति जारी की, जिसमें बताया गया कि अब फर्स्ट सेमेस्टर के एग्जाम भी आयोजित किए जाएंगे. यह एग्जाम ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर और मास्टर्स लास्ट ईयर के एग्जाम के साथ (जुलाई या अगस्त में) होंगे. सभी अफसरों ने कई घंटे के विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया कि फर्स्ट सेमेस्टर के भी एग्जाम होंगे.

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स्टूडेंट्स के मन में कई सवाल
एग्जाम को लेकर स्थिति साफ न होने की वजह से स्टूडेंट्स भी परेशना हो गए हैं. अब छात्रों ने अफसरों से नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि जब एक बार मंगलवार को मीटिंग लेकर फैसला किया गया तो बुधवार की देर शाम ऐसा क्या हुआ कि अचानक प्रशासन ने अपना फैसला पलट दिया. स्टू्डेंट्स अब आरोप लगा रहे हैं कि इंटर्नल पॉलिटिक्स के चक्कर में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. 

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