इलाहाबाद HC ने करवरिया बंधुओं को दी अल्पकालिक जमानत, बेटी की शादी में हो सकेंगे शामिल

 उदयभान की बेटी की 19 मई को शादी है, जिसको लेकर करवरिया बंधुओ की अर्जी दाखिल की थी.

इलाहाबाद HC ने करवरिया बंधुओं को दी अल्पकालिक जमानत, बेटी की शादी में हो सकेंगे शामिल
सूर्यभान करवरिया, पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया व पूर्व विधायक उदयभान करवरिया (फाइल फोटो)

विशाल सिंह रघुवंशी/प्रयागराज: प्रयागराज के चर्चित जवाहर पंडित हत्याकांड में जेल में बंद करवरिया बंधुओं को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अल्पकालिक जमानत दे दी है. इन्हें यह जमानत शादी में शामिल होने के लिए मिली है. कोर्ट ने आज अपने फैसले में सूर्यभान करवरिया, पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया व पूर्व विधायक उदयभान करवरिया को जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है. जिसके तहत अब तीनों भाई 13 मई से 5 जून तक जमानत पर रहेंगे. इनको 6 जून को समर्पण करना होगा. साथ ही इन्हें 10 लाख का व्यक्तिगत बंधपत्र जमा करना होगा. 

उदयभान के बेटी की है शादी 
दरअसल, उदयभान की बेटी की 19 मई को शादी है, जिसको लेकर करवरिया बंधुओ की अर्जी दाखिल की थी. अर्जी स्वीकार करचे हुए न्यायमूर्ति डॉ. केजे ठाकर और न्यायमूर्ति अजीत सिंह की खंडपीठ ने ये आदेश दिया है. 

ये भी देखें- Viral Video: पेट्रोल पंप पर आ धमके बदमाश, वर्कर ने किया कुछ ऐसा भागना पड़ा उल्टे पांव

 

जवाहर हत्याकांड मामले में बंद है जेल में
बता दें कि 13 अगस्त 1996 को समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक जवाहर यादव की जिले के सिविल लाइंस इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 13 अगस्त को शाम 7 बजे सिविल लाइंस में पैलेस सिनेमा और कॉफी हाउस के बीच जवाहर यादव को एके-47 राइफल से गोली मारी गई थी. इस वारदात के बाद दर्ज मुकदमे में कपिल मुनि करवरिया, उदय भान करवरिया, सूरज भान करवरिया और रामचंद्र त्रिपाठी को आरोपी बनाया गया था. 

ये भी देखें- Viral Video: चिड़िया के अंडे खाने पहुंचा सांप, फंसा ऐसा कि निगला हुआ अंडा भी उगलना पड़ गया

 

कोर्ट ने उम्र कैद की दी थी सज़ा
प्रयागराज के चर्चित जवाहर पंडित हत्याकांड में कोर्ट ने फूलपुर के पूर्व बीएसपी सांसद कपिल मुनि, पूर्व एमएलसी सूरजभान और पूर्व विधायक उदयभान करवरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में अभियोजन की ओर से 18 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे. इसके अलावा करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था. 23 साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया था. हांलाकि इस मामले में अपील विचाराधीन है. 

WATCH LIVE TV