निरंजनी अखाड़े ने आंनद गिरी को किया निष्काषित, जानें क्या है वजह

उत्‍तराखंड के रहने वाले 38 वर्षीय स्वामी आनंद गिरि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य हैं.

निरंजनी अखाड़े ने आंनद गिरी को किया निष्काषित, जानें क्या है वजह
स्वामी आनंद गिरि (फाइल फोटो)

विशाल सिंह रघुवंशी/प्रयागराज: श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी ने बड़े हनुमान मंदिर के छोटे महंत और योगगुरु स्वामी आनंद गिरि को बाघम्बरी मठ और निरंजनी अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है. उन पर आरोप है कि संत परंपरा के खिलाफ वे लगातार अपने परिवार से संबंध रखते रहे साथ ही अखाड़े की संपत्ति भी अपने घर भेजते रहे हैं. इस कार्रवाई की पुष्टि खुद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और आनंद गिरि के गुरु महंत नरेंद्र गिरि ने की है. चेतावनी के बाद भी सुधार न होने पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है. 

काफी चर्चा में रहते है आंनद गिरी 
प्रयागराज स्थित लेटे हनुमान मंदिर के छोटे महंत आनंद गिरी को एक बार महिलाओं के साथ मारपीट के आरोप में ऑस्‍ट्रेलिया में अरेस्‍ट कर लिया गया है. गिरी पर महिलाओं के साथ उनके बेडरूम में मारपीट का आरोप लगा था. हालांकि बाद में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था. 

2007 में जुड़े थे अखाड़े से
उत्‍तराखंड के रहने वाले 38 वर्षीय स्वामी आनंद गिरि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य हैं. वह देश-विदेश में योग सिखाने का काम करते हैं. जानकारी के मुताबिक, आनंद गिरी हरिद्वार के एक आश्रम में महंत नरेंद्र गिरी से मिले थे. नरेंद्र गिरी को लगा कि आनंद उनका अच्‍छा शिष्‍य बन सकता है, इसलिए उन्‍हें वह अपने साथ प्रयागराज ले आए. आनंद गिरी 2007 में निरंजनी अखाड़े से जुड़े और इसी अखाड़े में महंत बने. 

पिछले साल चुना गया था ब्रह्मचारी कुटी नोएडा का प्रथम महंत
आनंद गिरि को सर्वसम्मति से पिछले साल ब्रह्मचारी कुटी नोएडा का प्रथम महंत चुना गया था. संत महामंडल की अध्यक्ष स्वामी विद्या गिरि और अंतर्राष्ट्रीय हिंदू सेना के परमाध्यक्ष श्रीमहंत आदित्य कृष्ण गिरि के संचालन में उन्हें महंत चुना गया था. 

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