सिनेमा और सियासत के दिग्गजों की कहानी, जानिए कैसे अमिताभ-अमर की दोस्ती में पड़ी दरार

 ऐसा बहुत ही कम दखने को मिला है, जब राजनीति और सियासी जगत के दिग्गजों के बीच गहरी दोस्ती होती है.

सिनेमा और सियासत के दिग्गजों की कहानी, जानिए कैसे अमिताभ-अमर की दोस्ती में पड़ी दरार
फाइल फोटो

लखनऊ: ऐसा बहुत ही कम दखने को मिला है, जब राजनीति और सियासी जगत के दिग्गजों के बीच गहरी दोस्ती होती है. लेकिन एक वक्त में अमर सिंह और अभिताभ बच्चन की दोस्ती मिसाल बनकर उभरी थी. अमर सिंह और अमिताभ की दोस्ती के चर्चे हमेशा से होते रहे हैंआइए जानते हैंसियासी और सिनेमा जगत के दिग्ग्जों की दोस्ती की कहानी

अमर ने अमिताभ को दिया सहारा

अमर सिंह और अमिताभ बच्चान की दोस्ती 90 के दशक में परवान चढ़ी थी. उस वक्त अमिताभ बच्चन अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे थे. एक के बाद एक लगातार फ्लॉप फिल्मों और अपनी कंपनी एबीसीएल के डूबने के चलते उन्हें लगातार आयकर विभाग के नोटिस मिल रहे थे. उस वक्त महज 4 करोड़ रुपये न चुका पाने के चलते उनके बंगले के बिकने और उनके दिवालिया होने की नौबत तक आ गई थी. तब अमर सिंह ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया और अमिताभ बच्चन को कर्जे से उबारा. 

 

जया बच्चन का सियासी करियर संवारा

जया बच्चन को राजनीति में लाना का श्रेय अमर सिंह को ही जाता हैकहा यह भी जाता है कि उस वक्त अमिताभ बच्चन ने जया बच्चन के राजनीति में जाने का विरोध भी किया थामगर अमर सिंह ने उन्हें राजी कर लिया.

 

इस वजह से आई दोस्ती में दरार

2010 में जब अमर सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते समाजवादी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गयाउस वक्त उन्होंने जया बच्चन से भी पार्टी छोड़ने के लिए कहा. हालांकि जया बच्चन अपना राजनीतिक करियर दांव पर लगाने को राजी नहीं हुईं. कहा जाता है कि यहीं से बच्चन परिवार और अमर सिंह के रिश्तों के बीच दरार पड़नी शुरू हो गई. 

 

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अमर ने अमिताभ से मांगी माफी

जया बच्चन की इस जिद्द के बाद अमर सिंह अभिताभ को तल्ख तेवर दिखाने लगे. वो बच्चन परिवार के खिलाफ भी विवादित बयान देने लगे. इसके बाद ये दुश्मनी भी चर्चा में आने लगी. हालांकि पिछले दिनों उन्होंने एक वीडियो जारी कर अभिताभ बच्चन से माफी भी मांगी थी. 

 

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