प्रयागराज की वंशिका हैं बेजुबानों की 'मसीहा', 6 साल से कर रही हैं ये नेक काम

वंशिका बताती हैं कि वे करीब 6 साल से यह काम कर रही हैं. और अब तक हजारों आवारा पशुओं का इलाज कर चुकी हैं.

प्रयागराज की वंशिका हैं बेजुबानों की 'मसीहा', 6 साल से कर रही हैं ये नेक काम
मौजूदा वक्त में वंशिका के घर में कुल 50 से ज्यादा आवारा जानवर हैं. जिन्हें तरह-तरह की बीमारियां हैं.

मोहम्मद गुफरान/प्रयागराज: कई लोग शौकिया तौर पर जानवरों को पालते हैं, तो वहीं कुछ लोगों का पशुओं के प्रति प्रेम और हमदर्दी उन्हें अपना करीबी बना लेता है. ऐसी ही पशु प्रेमी हैं, संगम नगरी प्रयागराज की रहने वाली वंशिका गुप्ता.

गली-कूचों में घायल, बीमार और ठण्ड से परेशान पशुओं को अपने घर में पनाह देने वाली वंशिका इनके लिए मसीहा बनकर आयी हैं. सैकड़ों घायल और बीमार जानवरों को सड़क से उठा कर वो अपने घर में बड़ी शिद्दत से उनकी सेवा और इलाज करती हैं.

वंशिका के इस अनोखे पशु प्रेम को देखकर हर कोई उनकी तारीफ करता है. वंशिका के घर का नजारा पशुओं के अस्पताल जैसा लगता है. वंशिका ने आवारा बीमार जानवरों के लिए कई पिंजरे बनवा रखे हैं. घर में सिर्फ बिल्ली, कुत्ता, खरगोश, बंदर जैसे जानवर नजर आते हैं. गैर करने वाली बात है कि वंशिका के घर में मौजूद कोई भी जानवर पालतू नहीं है. सभी वक्त-हालात और इंसानों के मारे हैं. कोई किसी गाड़ी से टकराकर घायल हुआ तो कोई बीमार है. किसी को इंफेक्शन है, तो कोई कमजोरी का शिकार है. बता दें कि मौजूदा वक्त में वंशिका के घर में कुल 50 से ज्यादा आवारा जानवर हैं. जिन्हें तरह-तरह की बीमारियां हैं. वंशिका सभी जानवरों का इलाज कर रही हैं.

जिन जानवरों को हममें से कई लोग छूना या देखना भी पसंद नहीं करते ऐसे जानवरों का इलाज वंशिका बड़े धैर्य से करती हैं. पीजी की छात्रा वंशिका का यह जुनून प्रेणादायक है. वंशिका बताती हैं कि वे करीब 6 साल से यह काम कर रही हैं. और अब तक हजारों आवारा पशुओं का इलाज कर चुकी हैं. वंशिका ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. यदि किसी को, कहीं सड़कों पर ऐसे घायल, बीमार जानवर मिलते हैं, जिन्हें इलाज की जरूरत है, तो तुरंत इन्हें सूचित कर सकते हैं.

संपादन: आशीष त्रिपाठी