अनुप्रिया पटेल को मंत्रिमंडल में नहीं मिली जगह, मिर्जापुर के वोटर्स हुए मायूस

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा पूर्वांचल से केवल एक अन्य सांसद महेन्द्र नाथ पाण्डेय को मंत्रिमंडल में स्थान मिल पाया है. अपना दल (एस) के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य आशीष सिंह पटेल का कहना है कि अपनी टीम चुनना प्रधानमंत्री पर निर्भर करता है.

अनुप्रिया पटेल को मंत्रिमंडल में नहीं मिली जगह, मिर्जापुर के वोटर्स हुए मायूस
उन्होंने कहा कि हम राजग के साथ हैं और यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है कि वह अपनी टीम में किसे रखें.

मिर्जापुर: अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में नहीं शामिल किए जाने से उनके वोटरों में मायूसी है और उन्हें आशंका है कि अनुप्रिया द्वारा शुरू किए गए विकास कार्य कहीं रूक ना जाएं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा पूर्वांचल से केवल एक अन्य सांसद महेन्द्र नाथ पाण्डेय को मंत्रिमंडल में स्थान मिल पाया है. अपना दल (एस) के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य आशीष सिंह पटेल का कहना है कि अपनी टीम चुनना प्रधानमंत्री पर निर्भर करता है.

इस बार मंत्रिमंडल में उनकी पार्टी को स्थान नहीं मिल पाने पर जब टिप्पणी के लिए संपर्क किया तो पटेल ने कहा कि हम राजग के साथ हैं और यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है कि वह अपनी टीम में किसे रखें. पार्टी के भीतर के लोगों का हालांकि मानना है कि प्रधानमंत्री ने रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया (अठावले) को मंत्री पद दिया जबकि उनकी पार्टी का एक भी सांसद नहीं है . अन्नाद्रमुक को एक सीट मिली, अकाली दल को दो सीट मिली और वे भी सरकार में शामिल हुए.

अपना दल (एस) ने उत्तर प्रदेश में दो सीटें जीतीं. कुल 80 सीटों में से 64 पर भाजपा और अपना दल प्रत्याशी विजयी हुए हैं. अपना दल (एस) ने मिर्जापुर (अनुप्रिया पटेल) और राबर्ट्सगंज (पकौडी लाल कोल) सीटें जीतीं.

अपना दल (एस) के विधायक राहुल कोल ने भी यही कहा कि मंत्रिमंडल चुनना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है. हम राजग के साथ हैं. राहुल राबर्टसगंज के नवनिर्वाचित सांसद के बेटे हैं.

अनुप्रिया उस समय दिल्ली में थीं जबकि उनके समर्थक यहां महसूस कर रहे थे कि उन्हें देर सबेर मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए . पिछली बार भी नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री का पद संभालने के दो साल बाद अनुप्रिया को मंत्री बनाया गया था. भाजपा के स्थानीय नेता भी मानते हैं कि भविष्य में जब मंत्रिमंडल विस्तार होगा तो अपना दल (एस) को स्थान मिलेगा.

पार्टी के भीतर के एक व्यक्ति ने नाम नहीं देने की शर्त पर बताया कि अनुप्रिया को फोन आया था और उन्हें शपथ ग्रहण के लिए तैयार रहने को कहा गया था लेकिन 'मुझे लगता है कि वह राज्य मंत्री पद के लिए राजी नहीं हुईं.' उन्होंने कहा कि अनुप्रिया को कम से कम राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार का पद दिया जाना चाहिए था.

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिपरिषद का विस्तार होना है और अपना दल के नौ विधायक एवं एक विधान परिषद सदस्य है. उन्हें योगी सरकार में जगह मिल सकती है. इस समय भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) से केवल एक राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी हैं.

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पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट में कुछ समायोजन हो सकता है. स्थानीय लोगों को आशंका है कि अनुप्रिया द्वारा शुरू किये गये विकास कार्य बंद हो सकते हैं. समाजसेवी किरण जायसवाल ने कहा कि सडक परियोजना, मेडिकल कालेज, केन्द्रीय विद्यालय जैसे कार्य अनुप्रिया की पहल पर शुरू हुए थे. ये परियोजनाएं बीच में अटक सकती हैं.

दैनिक मजदूरी कर गुजारा करने वाली लालती विश्वकर्मा ने कहा कि लंबे समय बाद हमें उम्मीद थी कि चीजें सुधरेंगी लेकिन विकास परियोजनाओं को लेकर अब आशंका प्रबल हो रही हैं. अपना दल (एस) कुर्मी आधार वाली पार्टी है और कुर्मियों की आबादी राज्य की आबादी का नौ प्रतिशत और ओबीसी आबादी का 24 प्रतिशत है.