जनरल बिपिन रावत ने कहा- सैनिकों के परिवारों की दशा देखकर दुखी हूं

जनरल रावत ने कहा कि उन्हें यह सोचकर दुख होता है कि देश की सीमाओं की रक्षा में अपने जीवन को जोखिम में डालने वाले गढवाल राइफल्स के सैनिकों के परिवार पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में यहां-वहां किराये के घरों में रहने को मजबूर हैं.

जनरल बिपिन रावत ने कहा- सैनिकों के परिवारों की दशा देखकर दुखी हूं
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (फाइल फोटो)

पौडी (उत्तराखंड) : सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि सेवारत सैनिकों के परिवारों को पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में किराये के घरों में इधर-उधर रहने को मजबूर देखकर वह बहुत दुखी हैं . यहां के निकट कोटद्वार में सैन्य प्रशिक्षण कैंप क्षेत्र में परिवार आवास योजना चरण-तीन का शिलान्यास करते हुए जनरल रावत ने कहा कि उन्हें यह सोचकर दुख होता है कि देश की सीमाओं की रक्षा में अपने जीवन को जोखिम में डालने वाले गढवाल राइफल्स के सैनिकों के परिवार पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में यहां-वहां किराये के घरों में रहने को मजबूर हैं.

हालांकि, उन्होंने कहा कि किराये के घरों में रहने की उनकी मजबूरी जल्द ही खत्म हो जाएगी क्योंकि कोटद्वार में परिवार आवास योजना के तहत सेवारत सैनिकों के परिवारों के लिए 2500 मल्टी स्टोरी इमारतें बन रही हैं.जनरल रावत ने कहा कि ये इमारतें सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी.

कल अपने गृह जिले में आए जनरल रावत ने पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लाक में पडने वाले अपने पुश्तैनी गांव सैना बिरमोली का भी संक्षिप्त दौरा किया. गांव में वह अपने चाचा भारत सिंह रावत और अन्य रिश्तेदारों से भी मिले. इस गांव से पिछले कई सालों में काफी पलायन हुआ है और अब वहां सेना प्रमुख के चाचा के परिवार समेत केवल दो परिवार बचे हैं. अपने पुश्तैनी गांव में एक घंटा बिताने के बाद जनरल रावत रात्रि विश्राम के लिए लैंसडौन चले गए.