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Ayodhya Judgment: सत्येंद्र दास बोले, 'रामलला को अब मिलेगा भव्य मंदिर, मस्जिद बनवाने में करेंगे सहयोग'

सत्येंद्र दास ने कहा, भगवान राम को 14 सालों से ज्यादा का वनवास एक फैसले के लिए सुनना पड़ा. पिछले 25 सालों से रामलला टाट-पट्टी पर रह रहे हैं. लेकिन अब देश की सर्वोच्च न्यायलय ने ये तय कर दिया है कि अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा

Ayodhya Judgment: सत्येंद्र दास बोले, 'रामलला को अब मिलेगा भव्य मंदिर, मस्जिद बनवाने में करेंगे सहयोग'
रामलला के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने लोगों से अपील की है कि भाईचारे को बनाए रखें.

नई दिल्ली: अयोध्या के दशकों के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला (Ayodhya Judgment) सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के बाद अयोध्या में खुशी की लहर है. साधु-संत समाज ने फैसले पर खुशी जताई है. साथ ही मुस्लिम समाज से अपील भी की है कि कोर्ट के फैसले का सम्मान करें और अमन चैन कायम रखें. रामलला के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास (Satyendra Das) ने फैसले पर खुशी जाहिर की है. 

रामलला के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने ज़ी न्यूज से खास बीतचीत में कहा कि भगवान राम को 14 सालों से ज्यादा का वनवास एक फैसले के लिए सुनना पड़ा. पिछले 25 सालों से रामलला टाट-पट्टी पर रह रहे हैं. लेकिन अब देश की सर्वोच्च न्यायलय ने ये तय कर दिया है कि अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा और रामलला के भव्य स्थान मिलेगा. 

उन्होंने कहा कि भारत में सौहार्द की भावना सालों से देखी गई है. सत्येंद्र दास ने बताया कि हम लगातार इंकबाल अंसारी से बातचीत करते रहते थे और दोनों पक्ष हमेशा यहीं बात करते आए हैं कि फैसला जिसके भी हक में आएगा, उसे सम्मान के साथ माना जाएगा. उन्होंने कहा कोर्ट का फैसला सर्वमाननीय है. कोर्ट ने मस्जिद बनाने के लिए जमीन देने का फैसला कोर्ट ने किया है, ये अच्छा फैसला है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समय के पक्षकार जहां जमीन चाहेंगे उसके लिए वह मदद करेंगे. 

कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया है. इस मामले पर सत्येंद्र दास ने कहा कि निर्मोही अखाड़ा दावा कर रहा था लेकिन जब कागजात सौंपने के लिए कहा गया, तब उन्होंने हाथ खड़े करते हुए ये कह दिया कि कोई कागज उनके पास नहीं है. तो फिर दावा कैसा. उन्होंने कहा लेकिन खुशी की बात ये है कि फैसला हक में आया है. 

रामलला के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने लोगों से अपील की है कि भाईचारे को बनाए रखें. देशहित में कार्य करें.