फैसले से पहले रामजन्म भूमि न्यास समिति का निर्देश, 'सभी सदस्य आज अयोध्या में रहें मौजूद'

फैसले से पहले रामजन्म भूमि न्यास समिति का निर्देश, 'सभी सदस्य आज अयोध्या में रहें मौजूद'

महंत नृत्य गोपाल दास ने सभी को अयोध्या में रहने के निर्देश दिए हैं. इस समिति में करीब 12 से 15 साधु संत हैं. 

फैसले से पहले रामजन्म भूमि न्यास समिति का निर्देश, 'सभी सदस्य आज अयोध्या में रहें मौजूद'

अयोध्या: अयोध्या जमीन विवाद (Ayodhya Land Dispute) को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) शनिवार सुबह 10:30 बजे अपना फैसला सुनाएगा. अयोध्या मामले पर फैसला (Ayodhya Verdict) को लेकर साधु-संत समाज लगातार सभी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करने के लिए लोगों से अपील कर रहा है. फैसले के मद्देनजर रामजन्म भूमि न्यास समिति ने अपनी सभी सदस्यों को आज (9 नवंबर) अयोध्या में ही मौजूद रहने के लिए कहा है

जानकारी के लिए मुताबिक, महंत नृत्य गोपाल दास ने सभी को अयोध्या में रहने के निर्देश दिए हैं. इस समिति में करीब 12 से 15 साधु संत हैं. महंत नृत्य गोपाल दास रामजन्म भूमि न्यास समिति के अध्यक्ष हैं. महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि आज बड़ा दिन है. केंद्र में मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में बड़ा फैसला होने जा रहा है. फैसले देश की सर्वोच्च न्यायलय से होगा. उन्होंने कहा सर्वोच्च न्यायलय का जो भी फैसला होगा, वो सभी को स्वीकार करना चाहिए. देश में शांति व्यवस्था बने रहे, ये देश के हर नागरिक का कर्तव्य है. 

आपको बता दें कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुबह 10:30 बजे अपना फैसला सुनाएगा. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाय चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ मामले पर फैसला सुनाएगी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया था. 

यह देश का सबसे पुराना मामला है और इस मामले में 40 दिनों तक नियमित सुनवाई हुई थी. यह सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में अब तक की दूसरी सबसे लंबी चली सुनवाई थी. सबसे लंबी सुनवाई का रिकॉर्ड 1973 के केशवानंद भारती केस का है, जिसमें 68 दिनों तक सुनवाई चली थी.

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