lockdown: मुश्किल में आजम खान एंड फैमिली, 14 अप्रैल तक रहना होगा लॉकअप में

कोर्ट ने कोरोना वायरस की वजह से सभी तारीख स्थगित कर दी हैं. अगर कोर्ट लॉकडाउन का पालन करती है तो आजम खान पूरे परिवार के साथ कम से कम 14 अप्रैल तक जेल में ही रहेंगे.

lockdown: मुश्किल में आजम खान एंड फैमिली, 14 अप्रैल तक रहना होगा लॉकअप में
फाइल फोटो

प्रयागराज: कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में हुए लॉकडाउन का असर आजम खान और उनकी फैमिली पर भी पड़ा. इलाहाबाद हाई कोर्ट की प्रशासनिक कमेटी ( टेलीफोनिक) द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त प्रशासनिक नोटिफिकेशन, सर्कुलर, आदि और हाई कोर्ट इलाहाबाद में न्यायिक कार्य अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेंगे. यहां आजम खान जमानत अर्जी लगाई थी.

सीतापुर जेल में बंद सांसद आजम खान, विधायक तंजीन फातिमा और पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम खान की उक्त तीनों मामलों में जमानत जनपद रामपुर स्पेशल कोर्ट से खारिज कर दी गई थीं. इसके अलावा लगभग 15 मुकदमों में मंजूर कर ली गई थी. इसके साथ ही दो जन्म प्रमाण-पत्र वाले मामले में 28 मार्च को स्पेशल कोर्ट रामपुर में चार्ज फ्रेम होने की तारीख थी. इसमें आजम खान सहित दोनों मुलाजिमों को कोर्ट में पेश होना था. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से सभी तारीख स्थगित कर दी हैं. अगर कोर्ट लॉकडाउन का पालन करती है तो आजम खान पूरे परिवार के साथ कम से कम 14 अप्रैल तक जेल में ही रहेंगे.

लॉकडाउन में जमाखोरी पड़ेगी महंगी, योगी सरकार ने दिए रासुका के तहत कार्रवाई के आदेश

भाजपा नेता आकाश सक्सेना द्वारा  दायर दो जन्म प्रमाण-पत्र वाले मामले में आजम खान द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, परंतु उक्त आदेश के बाद अब किसी जमानत के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट खुलने के बाद ही सुनवाई होगी.

जबकि कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि बहुत ही महत्वपूर्ण और आवश्यक वादो की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की अनुमति से नियुक्त डिविजन बेंच/एकल जज सुनवाई करेंगे. लखनऊ बेंच में सुनवाई हेतु आवश्यक अनुमति सीनियर जज लखनऊ से ली जा सकेगी. 

प्रयागराज: ओवैसी की पार्टी के नेता ने की हद पार, योगी की पुलिस ने दिया ऐसा जवाब

कोर्ट ने आदेश जारी किया था कि हाई कोर्ट इलाहाबाद के अन्तर्गत आने वाले अधीनस्थ न्यायालय, कॉमर्शियल कोर्ट, एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल, समस्त समझौता केंद्र, आदि अगले आदेश तक बंद रहेंगे. गिरफ्तार व्यक्तियों की रिमांड और जमानत पर सुनवाई छुट्टियों के आधार पर होगी.