रामपुर विधानसभा उपचुनाव: प्रचार थमने से पहले आजम खान और जयाप्रदा ने पढ़े 'शेर'

 जयाप्रदा ने कहा कि आजम साहब आप जिंदगी में बहुत बड़े एक्टर हैं. हम निजी जीवन में आपके जैसे अदाकारी नहीं कर सकते हैं. 

रामपुर विधानसभा उपचुनाव: प्रचार थमने से पहले आजम खान और जयाप्रदा ने पढ़े 'शेर'
आजम खान ने जयाप्रदा के आंसू वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आंसू जब अदाकारी के लिए बहते हैं, तो पैसा मिलता है. जब वफादारी के लिए आंसू बहते हैं, तो गम मिलता है.

रामपुर: यूपी के रामपुर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव का चुनाव प्रचार थमने से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी में एकदूसरे पर निशाना साधने की होड़ मची हुई है. रामपुर से सपा सांसद आजम खान और पूर्व सांसद जयाप्रदा ने इस बार एकदूसरे पर शायराना अंदाज़ में निशाना साधा है. दोनों नेताओं ने अपने भाषण में सामने वाले को अदाकार बता डाला.

दरअसल, आजम खान ने जयाप्रदा के आंसू वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आंसू जब अदाकारी के लिए बहते हैं, तो पैसा मिलता है. जब वफादारी के लिए आंसू बहते हैं, तो गम मिलता है. उन्होंने कहा कि बहुत फर्क है, उन आंसुओं में हमारे आंसुओं में. आजम खान ने कहा कि पैसे वालों...जब हम रोते हैं, तो मजमा रोता है और जब तुम रोते हो, तो मजमा कहकहे लगाता है.

वहीं, जयाप्रदा ने आजम खान के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि आजम खान हमेशा कहते हैं कि वो अदाकारा हैं. हां, मैं मानती हूं कि मैं अदाकारा हूं. लेकिन, मैं फिल्मों में अदाकारा हूं. जयाप्रदा ने कहा कि आजम साहब आप जिंदगी में बहुत बड़े एक्टर हैं. हम निजी जीवन में आपके जैसे अदाकारी नहीं कर सकते हैं. मैं ऐशोआराम का जीवन जीते हुए सब कुछ छोड़कर रामपुर की सर जमीन को नमन और सलाम करते हुए आपके बीच आई हूं.

दरअसल, ईदगाह गेट पर शुक्रवार को जयाप्रदा का जलसा था. वहीं, शनिवार को आजम खान ने जलसा किया. आजम खान ने कहा कि कल भी यहां एक कीमती जलसा हुआ था. हसीन जलसा हुआ था. मैं तो यू कहूंगा....आजम खान ने शेर पढ़ा, "जिसे ले गई है अभी हवा वो वर्क था दिल की किताब का कही आंसुओं से लिखा हुआ कहीं आंसुओं से मिटा हुआ"

आजम खान ने कहा कि यह शेर मेरा अपनी जिंदगी के साथ उन लोगों के लिए है, जिनके आंसू जब अदाकारी के लिए बहते हैं, तो पैसा मिलता है. जब वफादारी के लिए आंसू बहते हैं, तो गम मिलता है. बहुत फर्क है उन आंसुओं में और हमारे आंसुओं में. पैसे वालों जब हम रोते हैं, तो मजमा रोता है और जब तुम रोते हो तो मजमा कहकहे लगाता है.

वहीं, जयाप्रदा ने आजम खान पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं आपको भाई मानती हूं, लेकिन अपने मेरे अंतर वस्त्र को भी नही छोड़ा. लेकिन ये रामपुर की तहज़ीब नही है. जयाप्रदा ने भी शायराना अंदाज में शेर पढ़ते हुए कहा कि शाखों से टूट जाएं, वो पत्ते नही है हम,आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे.