बहराइच: मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिहा किये गये डॉक्टर कफील

बहराइच जिला अस्पताल में अव्यवस्था फैलाने व डाक्टरों से नोकझोंक करने के आरोप में अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था.

बहराइच: मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिहा किये गये डॉक्टर कफील
(फोटो साभारः twitter/@WrongDoc)

बहराइच: गोरखपुर मेडिकल कालेज में पिछले साल बड़ी संख्या में मरीज बच्चों की मौत के मामले में सेवा से बर्खास्त किये गये डॉक्टर कफील खान को बहराइच जिला अस्पताल में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में शनिवार को गिरफ्तारी के बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिहा कर दिया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप ने रविवार को बताया कि डॉक्टर कफील को पुलिस ने शनिवार को बहराइच जिला अस्पताल में अव्यवस्था फैलाने व डाक्टरों से नोकझोंक करने के आरोप में अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था. बाद में मजिस्ट्रेट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया.

अनजान जगह पर रह रहे डॉ कफील
रिहाई के बाद पुलिस की गाड़ी उनके पीछे थी और शनिवार को ही वह अपने दो साथियों के साथ सुरक्षित बहराइच सीमा से बाहर निकल गए थे. उधर, कफील के भाई अदील ने बताया कि कफील अभी तक गोरखपुर से अपने घर नहीं पहुंचे हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने अब भी डॉक्टर कफील को किसी अनजान जगह पर रखा हुआ है. अदील ने बताया कि शनिवार/रविवार की दरम्यानी रात करीब ढाई बजे तक उनकी डॉक्टर कफील के वाहन चालक से बातचीत हो रही थी. 

ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत
उसने बताया था कि कफील को पहले चिलवरिया की सिम्भावली चीनी मिल और बाद में जरवल चीनी मिल में रखा गया, जहां से उन्हें गोरखपुर भेजा जा रहा है. रात ढाई बजे से डाक्टर कफील का मोबाइल बंद है. गौरतलब है कि डॉक्टर कफील खान को पिछले साल अगस्त में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया था.

एईएस वार्ड के नोडल अधिकारी थे डॉ कफील
घटना के वक्त वह एईएस वार्ड के नोडल अधिकारी थे. बाद में शासन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था. हालांकि कुछ माह पहले अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया था. कफील शनिवार को बहराइच जिला अस्पताल में बच्चों की हुयी मौतों के बाद बिना किसी आदेश या बुलावे के वहां पहुंचे थे और कथित तौर पर बच्चों का परीक्षण करने लगे थे. साथ ही वह प्रेस वार्ता भी करना चाह रहे थे, मगर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. (इनपुटः भाषा)