हिंदू संगठनों के विरोध के बाद उत्तराखंड के 7 जिलों में केदारनाथ मूवी पर लगा बैन

इस फिल्म को उत्तराखंड के उन जिलों में प्रतिबंधित कर दिया गया है, जहां हिंदू संगठन अपना विरोध जता रहे हैं.

हिंदू संगठनों के विरोध के बाद उत्तराखंड के 7 जिलों में केदारनाथ मूवी पर लगा बैन
हिंदू संगठनों का आरोप है कि केदारनाथ मूवी लव-जेहाद को बढ़ावा दे रही है.

देहरादून: हिंदू संगठनों के विरोध को देखते हुए उत्तराखंड के सात जिलों में 'केदारनाथ' फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गयी है. इन संगठनों का आरोप है कि फिल्म से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है.

सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की जोड़ी वाली इस फिल्म की कहानी 2013 में आयी केदारनाथ त्रासदी की पृष्ठभूमि पर आधारित है. यह फिल्म आज देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गयी.

प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) अशोक कुमार ने यहां मीडिया को बताया कि इस फिल्म को उत्तराखंड के उन सात जिलों में प्रतिबंधित कर दिया गया है जहां हिंदू संगठन इस फिल्म के पोस्टर फाड़कर और फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के पुतले जला कर अपना विरोध जता रहे हैं. कुमार ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, उधमसिंह नगर, पौडी,टिहरी और अल्मोडा जिलों में फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया है.

उन्होंने बताया कि संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्रों में स्थिति को देखते हुए निर्णय किया गया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ, बागेश्वर, चंपावत और रूद्रप्रयाग जिलों में मल्टीप्लैक्स न होने के कारण उन्हें प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है.

'केदारनाथ' फिल्म पर उठ रही आपत्तियों की समीक्षा के लिये उत्तराखंड सरकार द्वारा पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता वाली समिति ने भी कल फिल्म के प्रदर्शन पर रोक न लगाते हुए इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार जिलाधिकारियों पर छोड दिया था.

इससे पहले कल दिन में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी थी. वहीं हिंदू संगठनों का आरोप है कि केदारनाथ त्रासदी की पृष्ठभूमि में एक हिंदू श्रद्धालु और एक मुस्लिम पिट्ठू (पोर्टर) के बीच दिखायी जा रही प्रेमकथा लव जिहाद को बढावा दे रही है.

(इनपुट भाषा से)