बाइक बोट घोटाले के आरोपी मनोज त्यागी को कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा, हो सकते हैं बड़े खुलासे

गौरतलब है कि ईडी ने मनोज त्यागी को मनी लांड्रिंग में गिरफ्तार किया था. इस हाईप्रोफाइल घोटाले के आरोपी की पेशी के लिए दिल्ली से ईडी के डिप्टी डायरेक्टर रैंक के अधिकारी भी लखनऊ पहुंचें.

बाइक बोट घोटाले के आरोपी मनोज त्यागी को कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा, हो सकते हैं बड़े खुलासे

लखनऊ: बाइक बोट घोटाले में गिरफ्तार आरोपी मनोज त्यागी को कोर्ट ने 3 दिन के लिए ईडी की कस्टडी रिमांड में भेज दिया है. रिमांड के दौरान ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) मनोज त्यागी से घोटाले के मुख्य आरोपी विजेंदर सिंह हुडा से लेनदेन को लेकर पूछताछ कर सकती है. मनोज त्यागी की लखनऊ कोर्ट में पेशी हुई. गौरतलब है कि ईडी ने मनोज त्यागी को मनी लांड्रिंग में गिरफ्तार किया था. इस हाईप्रोफाइल घोटाले के आरोपी की पेशी के लिए दिल्ली से ईडी के डिप्टी डायरेक्टर रैंक के अधिकारी भी लखनऊ पहुंचें.

रविवार को NCR में ताबड़तोड़ छापेमारी
ईडी ने रविवार को दिल्ली- एनसीआर में कई जगह छापेमारी की. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और हापुड़ में 6 जगहों पर छापा मारा. ईडी की लखनऊ जोन की टीम ने रविवार को दिल्ली एनसीआर में छापे मारने के दौरान नोएडा से मनोज त्यागी को गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारी अरबों रुपये के बाइक बोट घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई.

कंपनी के पैसे ठिकाने लगाता था मनोज त्यागी
ईडी के मुताबिक, एफ7 ब्रॉडकास्ट प्राइवेट लिमिटेड का पूर्व निदेशक त्यागी इस घोटाले के मुख्य आरोपी विजेंद्र सिंह हुड्डा के सबसे करीबियों में से एक था और उसके करोड़ों रुपये ठिकाने लगाने में उसकी मदद करता था. मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार त्यागी सोमवार को लखनऊ में विशेष अदालत में पेश होगा.

13.41 करोड़ रुपये का गोलमाल
त्यागी ने मामले से जुड़े तथ्य और सबूत छिपाकर एजेंसी को गुमराह किया है. त्यागी की कंपनी एफ7 ब्रॉडकास्ट में बाइक बोट से जुड़ी विभिन्न कंपनियों ने करीब 13.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे. इसके अलावा इस कंपनी में विभिन्न शैक्षिक संस्थानों और ट्रस्ट से भी करीब 2.63 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. ईडी ने दावा किया कि ये पैसा भी बाइक बोट निवेशकों से जुटाए गए फंड से ही ट्रांसफर किया गया था.

जब्त किया गया इतना सामान
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि रविवार को छापों के दौरान बाइक बोट घोटाले से जुड़े बहुत सारे दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 9.5 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई. ईडी अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान गिरफ्तार किए गए त्यागी की भूमिका बाइक बोट की प्रमोटर कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के सिलसिले में संदेह के दायरे में है.

मास्टरमाइंड संजय भाटी ने भी लिया था त्यागी का नाम
बाइक बोट घोटाले के मास्टरमाइंड संजय भाटी ने भी पूछताछ के दौरान मनोज त्यागी का नाम लिया था. संजय ने बताया कि उसकी तरफ से वित्तीय लेनदेन के लिए साइन किए हुए सभी चेक त्यागी ने ही लिए थे. ईडी ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि त्यागी लगातार हुड्डा के संपर्क में था और उसके निर्देशों पर कामकाज कर रहा था, लेकिन उसने ईडी के सामने पूछताछ के दौरान ये बात छिपाई थी. ईडी के मुताबिक, रविवार को इसी घोटाले में साहा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर व निदेशक अनिल कुमार साहा के ठिकाने पर भी छापा मारा गया.

बाइक बोट घोटाला क्या है?
ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र के चीती गांव के रहने वाले संजय भाटी ने गर्वित इनोवेटिव के नाम से कंपनी खोली जिसको बाइक बोट के नाम से प्रमोट किया गया. कंपनी ने बाइक लगवाने के नाम पर निवेशकों से 62100 रुपये लिए गए और एक साल में दो गुना कर वापस करने का झांसा दिया गया. कुछ लोगों को ये रकम पहली दी भी गई. इसके बाद जब लोगों ने जब कई बाइक्स की रकम इंवेस्ट की तो कंपनी ने उनके पैसे डुबा दिए.  वहीं संजय भाटी के बाद इसमें विजेंद्र सिंह हुड्डा को सबसे अहम कड़ी माने जा रहा है. उसकी तलाश की जा रही है लेकिन उसके करीबियों पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना प्रारम्भ कर दिया है.