BJP के दो विधायकों की चिट्ठी ने खोली LDA की पोल, 'योगी राज में दो गुना बढ़ा भ्रष्टाचार'

एटा जिले की मारहरा सीट से बीजेपी विधायक विरेंद्र सिंह लोधी और और बदायूं जिले की शेखूपुर सीट से विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने राज्य सतर्कता आयोग को चिट्ठी लिखकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

BJP के दो विधायकों की चिट्ठी ने खोली LDA की पोल, 'योगी राज में दो गुना बढ़ा भ्रष्टाचार'
दोनों विधायकों ने इस मामले में गोपनीय जांच की मांग की है. (फोटो एएनआई)

नई दिल्ली: यूपी सरकार 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को जीतने के लिए कोशिशों में जुट गई है. लेकिन बीजेपी सरकार के दो विधायकों की एक चिट्ठी के बाद पिर विवादों में घिरती हुई नजर आ रही है. यूपी के एटा जिले की मारहरा सीट से बीजेपी विधायक विरेंद्र सिंह लोधी और और बदायूं जिले की शेखूपुर सीट से विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने राज्य सतर्कता आयोग को चिट्ठी लिखकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. दोनों विधायकों ने इस मामले में गोपनीय जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि एलडीए में नक्शा पास करने के लिए घूस मांगी जाती है.

 

बीजेपी विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी और विधायक धर्मेंद्र शाक्य दोनों ही अपनी चिट्ठी में लिखते हैं, मेरे संज्ञान आया है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण में भारी भ्रष्टाचार चल रहे है, जिसमें नवीन मित्तल नगर नियोजक एवं मानचित्र विभाग के अधिकारी नक्‍शा पास कराने के नाम पर भारी कमीशन वसूली करते हैं. ये हर एक नक्‍शा पास कराने में 20 लाख से 50 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं.

उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि लखनऊ विकास प्राधिकारण में कोई भी काम बिना पैसे नहीं होता. यहां खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है. इसकी आप स्वयं गोपीनय जांच करें. यहां पिछली सरकार की तुलना में दोगुना भ्रष्टाचार हो रहा है.

बीजेपी के इन दो विधायकों की चिट्ठी से यूपी की सियासत में हलचल मच गई है. एटा जिले की मारहरा सीट से विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने ये भी आरोप लगाया कि 'शान-ए-अवध' बिल्डिंग बेचने के मामले में भी एलडीए ने योगी सरकार को करोड़ो रुपए का चूना लगाया है. अपनी चिट्टी में बदायूं जिले की शेखूपुर सीट से विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने लिखा है कि कुछ और लोगों ने भी उनसे एलडीए में भ्रष्टाचार की शिकायत की है, इसलिए उन्होंने राज्य सतर्कता आयोग से इस बारे में गोपनीय जांच की मांग की है.