close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

पूरा हुआ ITBP का ऑपरेशन 'डेयरडेविल्स', नंदादेवी से बरामद किए गए 7 पर्वतारोहियों के शव

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की एक टीम ने नंदादेवी पर्वत चोटी पर चढ़ने के प्रयास करने में जान गंवाने वाले सात पर्वतारोहियों के शवों को पिथौरागढ़ पहुंचा दिया गया है.

पूरा हुआ ITBP का ऑपरेशन 'डेयरडेविल्स', नंदादेवी से बरामद किए गए 7 पर्वतारोहियों के शव
.(फाइल फोटो)

कोमल मेहता.पिथौरागढ़: नंदादेवी आरोहण के दौरान मारे गए पर्वतारोहियों की खोजबीन के लिए चलाया गया ऑपरेशन डेयरडेविल्स सफल हो गया. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की एक टीम ने नंदादेवी पर्वत चोटी पर चढ़ने के प्रयास करने में जान गंवाने वाले सात पर्वतारोहियों के शवों को पिथौरागढ़ पहुंचा दिया गया है. जहां शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टर्माटम के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजा गया. निकाले गए शवो में एक ऑस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही ओर भारतीय गाइड की शिनाख्त हुई, शेष शवो की अभी भी शिनाख्त नही हो पाई है. इस मुश्किल ऑपरेशन को पूरा करने में आईटीबीपी की टीम को 21 दिन का समय लगा.

25 मई को 8 पर्वतारोहियों के लापता होने की खबर के बाद जिलाप्रशासन ने वायु सेना की मदद से नंदादेवी ईस्ट का हवाई सर्वेक्षण किया. पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विजय कुमार जोगडण्डे का कहना है कि इस अभियान के शुरू में 5 पर्वतारोहियों के शव दिखाई दिए. लेकिन वायु सेना के विमान द्वारा उन्हें रेस्क्यू नही किया जा सका जिसके बाद आईटीबीपी के कुशल पर्वतारोहियों की एक टीम बनाई गयीं.

जिसने नंदा देवी बेस कैम्प से पैदल चढ़कर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. खराब मौसम और विपरीत परिस्तिथियों में आईटीबीपी ने 8 में से 7 पर्वतारोहियों के शवों को खोज निकाला.  गौरतलब है कि विदेशी पर्वतारोहियों का 12 सदस्यीय दल 13 मई को पिथौरागढ़ ज़िले के मुनस्यारी से नंदादेवी फतह को निकला था.

जिसमें से 4 सदस्य तो बेस कैम्प की ओर वापस लौट आये थे. जिन्हे 2 जून को हैलीकाप्टर द्वारा रेस्क्यू कर जिला मुख्यालय लाया गया. जबकि 8 सदस्य लापता हो गए थे. जिनकी खोजबीन का काम आईटीबीपी ,एसडीआरएफ और सेना के साथ ही वायुसेना के हैलीकाप्टर द्वारा किया गया.

हिमालयन रन एंड ट्रैक प्राईवेट लिमिटेड नई दिल्ली का एक 12 सदस्यीय दल 7800 मीटर की ऊंचाई में स्थित भारत की दूसरी सबसे कठिन चोटी नंदादेवी फतह करने पिथौरागढ़ ज़िले के मुनस्यारी से निकला था. इसके 8 सदस्यों से कोई सम्पर्क नहीं हो पाया. जिसकी सूचना ट्रैकिंग कम्पनी ने मेल के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को दी.

लापता पर्वतारोहियों में टीम लीडर और विश्वविख्यात पर्वतारोही मार्टिन मोर्न -ब्रिटेन , जॉन मैक्लरन- ब्रिटेन , रुपर्ट व्हेलवेल्ल - ब्रिटेन , रिचर्ड पायने - ब्रिटेन  , रुथ मक्केन्स (महिला )- ऑस्ट्रेलिया , एंथोनी सूडेकाम - अमेरिका , रोनाल्ड बैमेल- अमेरिका और चेतन पांडेय ( लाईजन ऑफिसर ) - भारतीय शामिल है. हालांकि दल के 4 सदस्य जो बेस कैम्प की वापस लौट रहे थे   जाचेरी   क्वाइन , केट आर्मस्ट्रोन , इयान वेड और मार्क थॉमस (सभी ब्रिटेन ) जो बेस कैम्प की वापस लौट रहे थे उन्हें २ जून को हैलीकाप्टर द्वारा रेस्क्यू कर जिला मुख्यालय लाया गया.