बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर के बेटे ने कहा- हिंदू-मुस्लिम विवाद में कल कोई और पिता भी मारा जाएगा

गोकशी के शक में हुई हिंसा के दौरान अज्ञात लोगों ने इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी.

बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर के बेटे ने कहा- हिंदू-मुस्लिम विवाद में कल कोई और पिता भी मारा जाएगा
इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे अभिषेक सिंह. (फोटो साभार: ANI)

नई दिल्ली: बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे अभिषेक सिंह ने कहा कि 'मेरे पिता चाहते थे कि मैं अच्छा इंसान बनूं, जो कभी भी धर्म के नाम पर समाज में हिंसा को बढ़ावा न दे. मैं सवाल पूछना चाहता हूं कि इस हिंदू-मुस्लिम विवाद में आज मेरे पापा की जान गई, कल किसके पिता की जान जाएगी?'.

सोमवार को गोकशी को लेकर बुलंदशहर के स्याना में भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी. इस मामले में 28 लोगों को नामजद किया गया है जबकि सोमवार की घटना में 60 लोगों को अज्ञात के रूप में लिस्टेड किया गया है. दर्ज रिपोर्ट में बजरंग दल के एक वरिष्ठ नेता योगेश राज को भी नामजद किया गया है, जिन्होंने इससे पहले गौ हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी.

सिर में गोली मारी
जब पुलिस चिंगरावठी इलाके में गोकशी की अफवाह फैलने के बाद उमड़ी अक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही थी, तभी इंस्पेक्टर एसके सिंह को सिर में गोली मार दी गई थी. इसके अलावा उनके सिर, कमर, घुटना समेत शरीर के कई जगहों पर डंडों से चोट के निशान भी मिले हैं. जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सुबोध कुमार की सरकारी पिस्टल और 3 मोबाइल फोन लूट लिए.इस घटना में एक युवक भी मारा गया. बुलंदशहर में तनावपूर्ण स्थिति के चलते बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.

15 गाड़ियां आग के हवाले
यूपी सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलिजेंस को सौंपी है जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी. इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया गया है. बुलंदशहर में हुई घटना में पांच पुलिसकर्मी और करीब आधा दर्जन आम लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं. इस हिंसा में करीब 400 लोग शामिल थे जिन्होंने 15 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया.


इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का फाइल फोटो.

अखलाख केस की जांच कर चुके थे
इंस्पेक्टर सुबोध कुमार अखलाक हत्याकांड के इंवेस्टिगेशन ऑफिसर भी रह चुके थे. जब वे जारजा थाना प्रभारी थे तब उन्होंने अखलाक हत्याकांड की दो महीने तक जांच की थी. बाद में उनका ट्रांसफर हो गया था. उस दौरान ग्रेटर नोएडा कोर्ट ने जारचा थाने को आदेश दिया था कि पहले वह मामला दर्ज करके जांच रिपोर्ट अदालत में जमा कराएं.  वे इस मामले में 28 सितंबर 2015 से 9 नवंबर 2015 तक इंवेस्टिगेशन ऑफिसर थे. मार्च 2016 में दूसरे इंवेस्टिगेशन ऑफिसर ने चार्जशीट फाइल की थी.

नौकरी और मुआवजे का ऐलान
बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी को योगी सरकार मुआवजे के तौर पर 40 लाख रुपये देगी. 10 लाख रुपये उनके माता-पिता को भी दिया जाएगा. सीएम योगी ने एक परिजन को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया है.