लखनऊ यूनिवर्सिटी में होगी CAA पर बहस, कोर्स में भी शामिल हो सकता है विषय

आरोप-प्रत्यारोप के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी ने सीएए पर डिबेट कराने का फैसला किया है.

लखनऊ यूनिवर्सिटी में होगी CAA पर बहस, कोर्स में भी शामिल हो सकता है विषय
यूनिवर्सिटी में सीएए को लेकर होगी बहस

विनोद मिश्रा/लखनऊ: देश भर में सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है. जहां बीजेपी का आरोप है कि विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही है. वहीं विपक्ष ने मोदी सरकार पर देश को बांटने का आरोप लगाया है. इसी आरोप-प्रत्यारोप के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी ने सीएए पर डिबेट कराने का फैसला किया है.

यूनिवर्सिटी में सीएए को लेकर होगी बहस
लखनऊ यूनिवर्सिटी में सीएए को लेकर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है. 15 फरवरी को विश्वविद्यालय में बहस कराई जाएगी. लखनऊ यूनिवर्सिटी से संबंध सभी कॉलेज इसमें हिस्सा लेंगे.  

कोर्स में शामिल हो सकता है सीएए
लखनऊ यूनिवर्सिटी का दावा है कि राजनीति शास्त्र में ऐसे विषयों को पढ़ाया जाता है, लिहाजा सीएए को कोर्स में शामिल करने पर भी विचार हो रहा है. संभव है कि जल्द ही यूनिवर्सिटी के बच्चे सीएए के बारे में पढ़ाई भी करेंगे.

बहस को लेकर उत्साहित बच्चे
लखनऊ यूनिवर्सिटी के बच्चे भी मानते हैं कि सीएए के बारे में लोगों में जानकारी और जगरुकता दोनों का आभाव है. बच्चों की समझ बढ़ने पर समाज को इसका फायदा मिल सकता है. इस मुद्दे पर जागरुकता अभियान चलाने वाली बीजेपी भी मानती है कि इस कदम से छात्रों में जागरुकता बढ़ेगी.

विपक्ष ने बीजेपी पर लगाया आरोप
वहीं विपक्ष का दावा है कि बीजेपी ऐसे मामलों को लेकर सियासत करना चाहती है और इसके लिए शिक्षण संस्थओं का भी इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रही है. अब मकसद जो भी हो लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसे विषयों के बारे में युवाओं को बाताना और पढ़ाना जरुरी है.