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उत्तराखंड सरकार की बैठकें अब होंगी पेपरलेस, बनने जा रही है ई कैबिनेट

कैबिनेट की बैठक पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगी. बता दें कि एक कैबिनेट की बैठक में तकरीबन 500 पेज खर्च होते हैं. 

उत्तराखंड सरकार की बैठकें अब होंगी पेपरलेस, बनने जा रही है ई कैबिनेट
फिलहाल कैबिनेट बैठक के बाद विधानसभा सत्र और विभागों का भी काम इलेक्ट्रॉनिक होने से लाखों पेज बचाए जा सकेंगे.

देहरादून: उत्तराखंड सरकार की अब कैबिनेट की बैठक पेपरलेस होने जा रही है. अब ई कैबिनेट बैठक होने जा रही है यानी कैबिनेट की बैठक में पेपर का इस्तेमाल नहीं होगा.  पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह से पर्यावरण संरक्षण बचाने को लेकर मुहिम चला रहे हैं. उसके मद्देनजर उत्तराखंड सरकार भी अब ई कैबिनेट करने जा रही है. दरअसल, ई कैबिनेट होने पर सभी कैबिनेट मंत्रियों को लैपटॉप मिलेंगे और कैबिनेट की बैठक में आने वाले प्रस्ताव के बारे में सभी जानकारी उनको अब लैपटॉप के जरिए मिलेगी. 

कैबिनेट की बैठक पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगी. बता दें कि एक कैबिनेट की बैठक में तकरीबन 500 पेज खर्च होते हैं. इस तरह से यह संख्या कैबिनेट में आने वाले प्रस्ताव के आधार पर  बढ़ती और घटती रहती है. इसी तरह से 1 महीने में 4 कैबिनेट की बैठक होती हैं. उस हिसाब से  2 हजार पेज खर्च होते हैं. साल भर में यह आंकड़ा लगभग 25 हजार पेज खर्च होते हैं.  

फिलहाल कैबिनेट बैठक के बाद विधानसभा सत्र और विभागों का भी काम इलेक्ट्रॉनिक होने से लाखों पेज बचाए जा सकेंगे. अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कहना है कि अभी कैबिनेट की बैठक में इस तरह का प्रस्ताव तैयार हुआ है. आने वाले दिनों में इसे विभाग स्तर पर भी लाने की प्लानिंग बनाई जा रही है. 

पर्यावरणविद अनिल प्रकाश जोशी का कहना है कि भारी संख्या में पेड़ों की कटान कागज बनाने के लिए हो रहा है. उनका कहना है कि यह सरकार ने सराहनीय कदम उठाया है. इससे सैकड़ों पेड़ कटान से बच सकते हैं.  अब सरकार को पेपरलेस काम विभागों में भी करना चाहिए. इससे यह कदम पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा. ई कैबिनेट की भले ही अभी शुरुआत हुई है लेकिन, पर्यावरण संरक्षण के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण कदम है. इसके दूरगामी नतीजे पर्यावरण के लिए काफी सुखद हो सकते हैं.