UP: खनन घोटाला मामले में CBI की जांच तेज, दीक्षित फैमिली की हो सकती है पेशी

ये वही दीक्षित फैमली है, जिसके पास सपा सरकार में बी चंद्रकला के कार्यकाल के दौरान कई मौरंग के पट्टे थे. 2012 से 2017 तक दीक्षित फैमली के परिवारजनों के नाम 18 मौरंग के पट्टे थे. इन्हीं 18 पट्टों में हुए अवैध खनन की सीबीआई जानकरी लेगी.

UP: खनन घोटाला मामले में CBI की जांच तेज, दीक्षित फैमिली की हो सकती है पेशी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है.

हमीरपुर: खनन घोटाला मामले में सीबीआई टीम की जांच तेज़ हो गई है. तीन सदस्यीय टीम ने पिछले कई दिनों से हमीरपुर में डेरा डाल रखा है. जिससे मौरंग कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि आज दीक्षित फैमिली सीबीआई के सामने पेश हो सकती है. जहां सत्यदेव और संजय दीक्षित से सीबीआई पूछताछ करेगी.

बता दें कि ये वही दीक्षित फैमली है, जिसके पास सपा सरकार में बी चंद्रकला के कार्यकाल के दौरान कई मौरंग के पट्टे थे. 2012 से 2017 तक दीक्षित फैमली के परिवारजनों के नाम 18 मौरंग के पट्टे थे. इन्हीं 18 पट्टों में हुए अवैध खनन की सीबीआई जानकरी लेगी. ज्ञात हो कि पिछले साल भी दीक्षित फैमिली के हमीरपुर और लखनऊ के आलीशान घरों में सीबीआई ने छापेमारी की थी. और घंटों तक पूछताछ के बाद कई दस्तावेज़ जब्त किए थे.

घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में याचिकाकर्ता विजय सिंह को भी तलब किया है. दरअसल, 2017 में रमेश मिश्रा एंड ब्रदर्स के भूलसी खदान में मौरंग पट्टे थे. जहां मिश्रा बंधुओं पर आरोप है कि उन्होंने याचिकाकर्ता विजय सिंह के खेतों में अवैध खनन किया. जिसके बाद विजय सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी. भूसली खदान में विजय सिंह की करीब 22 एकड़ की जमीन बताई गई है.

बता दें कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई सैकड़ों लोगों से पूछताछ कर चुकी है. सीबीआई जिले में करीब ढाई साल से अधिक समय तक जिलाधिकारी रहीं बी चंद्रकला की ओर से जारी किए गए मौरंग के पट्टों और इससे जुड़े अधिकारियों व पट्टेदारों की भूमिका की जांच कर रही है.

अब तक की जांच में सामने आया था कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित, उनके पिता सत्यदेव दीक्षित को भी कई पट्टे दिए गए थे. मामले में याचिकाकर्ता ने ये भी बताया था कि बी चंद्रकला के कार्यकाल में मौरंग खनन का सिंडीकेट अंधाधुंध वसूली करता रहा.