CBI करेगी मुन्ना बजरंगी की हत्या की जांच, मास्टरमाइंड तक पहुंचेंगे कानून के हाथ?

भारी सुरक्षा वाली जेल में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का राज क्या है? क्या इसका संबंध BJP के विधायक रहे कृष्णानंद राय की हत्या से जुड़ा है जिसमें मुख्तार अंसारी का नाम भी सामने आया था. सवाल ये भी है कि जेल में  बंद गैंगस्टर सुनील राठी के पास बजरंगी को मारने के लिए पिस्तौल कैसे आई? अपने देश में ऐसे मामलों में CBI को सबसे आला जांच एजेंसी माना जाता है. अब इस मामले की जांच उसे मिल गई है लेकिन क्या वो बिना किसी दबाव में आए एक डॉन की हत्या का राज फाश कर सकेगी?

CBI करेगी मुन्ना बजरंगी की हत्या की जांच, मास्टरमाइंड तक पहुंचेंगे कानून के हाथ?

प्रयागराज: पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की भारी सुरक्षा वाली जेल में हत्या की साजिश किसने और कैसे रची, अब इसकी जांच CBI करेगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजीव मिश्रा की डिवीजन बेंच ने CBI जांच का आदेश दिया. इसके बाद इस मामले के मास्टरमाइंड का चेहरा सामने आने की उम्मीद जग गई है. हाईकोर्ट ने ये आदेश मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की याचिका पर दिया. उन्होंने अपने पति की जेल में हुई हत्या की जांच CBI से कराने की याचिका दी थी. 9 जुलाई 2018 को बागपत जेल में गैंगस्टर सुनील राठी ने माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मार कर हत्या कर दी थी. 

हत्या की साजिश में जेल प्रशासन भी शामिल?  
मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने जेल प्रशासन पर अपने पति की हत्या की साजिश में शामिल होने और हत्यारे की मदद करने का आरोप लगाया था. बागपत जिला कारागार में मुन्ना बजरंगी की हत्या से जेल प्रशासन और यूपी पुलिस की बहुत आलोचना हुई थी. इसके बाद बागपत जेल के तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था. हालांकि बहुत से लोग इसे आंखों में धूल झोंकने वाली कार्रवाई मानते हैं. ऐसे भी आरोप लगे कि मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में शिफ्ट ही इसलिए किया गया था ताकि उसकी हत्या करवाई जा सके. 

बागपत जेल क्यों लाया गया था पूर्वांचल का डॉन  
मामला बहुत मामूली था. 2017 में बड़ौत से BSPके पूर्व MLA और अब BJP नेता लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से मोबाइल पर रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस ने जांच की तो मुन्ना बजरंगी की तरफ उंगली उठी. इसी मामले में 8 जुलाई 2018 को रात के वक्त बजरंगी को बागपत जेल लाया गया था. अगली ही सुबह यानी 9 जुलाई को सुबह करीब सवा नौ बजे तन्हाई बैरक के सामने मु्न्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई. उसे जेल में ही बंद गैंगस्टर सुनील राठी ने गोली मार दी. उसने कबूल किया था कि मुन्ना बजरंगी के चिढ़ाने पर उसने उसे गोली मार दी.    

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हत्या अगर साजिश थी तो मास्टरमाइंड कौन?
मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके पति की हत्या BSP के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कराई. उन्होंने प्रदीप सिंह, उनके पिता पूर्व SP जयंत सिंह, सुशील सिंह और अलका राय के खिलाफ तहरीर दी थी। अलका राय एक सनसनीखेज हमले में मारे गए BJP नेता कृष्णानंद राय की पत्नी हैं. माना जाता है कि मुख्तार अंसारी के इशारे पर उनकी हत्या मुन्ना बजरंगी और उसके साथियों ने की थी. पुलिस ने सीमा सिंह के आरोपों की जांच की लेकिन उसने दावा किया कि उसे धनंजय समेत बाकी किसी भी आरोपी के खिलाफ सबूत नहीं मिला. 

CBI को जेल से मिलेगा कातिल का सुराग?
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में बहुत से राज आज तक बाहर नहीं आ सके. मसलन जेल में पिस्टल कैसे पहुंची, पिस्टल जंग लगी हुई थी तो क्या उसे बहुत पहले जेल पहुंचाया गया. क्या साजिश रच कर मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल शिफ्ट कराया गया ताकि मौका देख कर उसकी हत्या की जा सके? अब इन सवालों के जवाब CBI को खोजने हैं.