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सीएम योगी के रुख के बाद अब प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल अधर में!

सूत्रों का मानना है की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्राइवेट यूनिवर्सिटीस में किसी भी प्रकार के सरकारी दाखल के सख्त खिलाफ हैं.

सीएम योगी के रुख के बाद अब प्राइवेट यूनिवर्सिटी बिल अधर में!

राजीव श्रीवास्तव, लखनऊ : यूपी सरकार अब प्राइवेट यूनिवर्सिटीस बिल नहीं लाएगी. सूत्रों का मानना है की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्राइवेट यूनिवर्सिटीस में किसी भी प्रकार के सरकारी दाखल के सख्त खिलाफ हैं. मुख्यमंत्री का मानना है क‍ि ऐसे किसी बिल की आवयसकता नहीं है, जिससे प्राइवेट यूनिवर्सिटीस में सरकार का किसी भी प्रकार से दाखल बढ़े.

मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि नियमों में कोई परिवर्तन की आवयसकता हो तो किया जाये पर ऐसी कोई कोशिश न हो जिससे प्राइवेट यूनिवर्सिटीस की स्वायत्ता पर कोई असर पड़े. ऐसे में सूत्रों को मानना है कि अगर बिल आएगा भी तो वो वर्तमान स्वरूप में नहीं आएगा.

सरकार के अधिकारी पिछले कई महीने से प्राइवेट विश्वविध्यालय के अलग अलग बिलों को एक बिल में बदलने की कवायद कर रही थी. अधिकारियों का मानना था की अभी उत्तर प्रदेश में हर प्राइवेट विश्वविध्यालय के गठन के लिए एक अलग बिल है. इस प्रकार से कुल 27 प्राइवेट विश्वविध्यालय बिल हैं. इनको एक करके एक कॉमन बिल बनाने की कवायद की जा रही थी.

बिल के प्रारूप में वाइस-चान्सेलर के निस्कासन में गवर्नर की संतुस्ति अनिवार्य की गयी थी जिसका विरोध सभी प्राइवेट विश्वविध्यालय कर रहे थे. बिल के प्रारूप के अनुसार एक सरकार का नुमाइंदा भी एक्सिकिटिव काउंसिल में रखना अनिवार्य होगा जिसे प्राइवेट विश्वविध्यालय ब्रीच ऑफ ट्रस्ट मान रहे हैं. हांलकि मुख्य मंत्री के रुख के बाद प्राइवेट विश्वविध्यालय बिल कम से कम इस स्वरूप में आधार में लटकता हुआ दिखाई दे रहा है.