कैराना में हिंदुओं के पलायन का कारण बना था मुकीम काला, वेस्ट यूपी में था उसके नाम का खौफ

उस पर आरोप लगा था कि उसकी दहशत के चलते कैराना से हिंदू पलायन के लिए मजबूर हैं. शामली जिले में उसका सिक्का चलता था. 

कैराना में हिंदुओं के पलायन का कारण बना था मुकीम काला, वेस्ट यूपी में था उसके नाम का खौफ
बदमाश मुकीम काला (फाइल फोटो).

चित्रकूट: चित्रकूट जेल में हुए गैंगवार में मारा गया गैंग्स्टर मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने आपराधिक कारनामों के लिए कुख्यात था. वह शामली जिले के कैराना के जहानपुरा गांव का रहने वाला था. उस पर लूट, हत्या, रंगदारी के दर्जनों मुकदमे दर्ज थे. कुछ दिन पहले सहारनपुर जेल से उसे चित्रकूट जेल शिफ्ट किया गया था जहां शुक्रवार को उसकी हत्या हो गई.

कैराना पलायन में आया मुकीम काला नाम
अखिलेश यादव की सरकार के दौरान कैराना में हिंदुओं के पलायन का मुद्दा खूब चर्चा में था. इस मामले में भी मुकीम काला का नाम सामने आया था. उस पर आरोप लगा था कि उसकी दहशत के चलते कैराना से हिंदू पलायन के लिए मजबूर हैं. शामली जिले में उसका सिक्का चलता था. एक तरह से जिले में कोई भी बड़ी आपराधिक वारदात बिना उसकी मर्जी के नहीं होती थी.

क्राइम की दुनिया में 2010 में रखा कदम
मुकीम काला पहले मकान निर्माण में चि‍नाई मिस्त्री के साथ मजदूरी करता था. उसने 10 साल पहले क्राइम की दुनिया में कदम रखा. रंगदारी न देने पर 2 सगे भाइयों की हत्या कर दी थी. इसी वारदात के साथ मुकीम ने जुर्म की दुनिया में प्रवेश किया. देखते ही देखते वह पश्चिम यूपी के सबसे बड़े अपराधियों में शामिल हो गया. उसके जुर्म का कारोबार यूपी के अलावा हरियाणा के पानीपत और उत्तराखंड के देहरादून में भी फैला था. मुकीम काला पर 61 आपराधिक मुकदमे हैं.

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मुकीम ने कग्गा गैंग की बागडोर संभाली 
मुकीम काला गैंग पुलिस के रडार पर तब आया जब इन्होंने पुलिस पर भी हमले करने शुरू कर दिए. पुलिस के मुताबिक दिसबंर 2011 में एनकाउंटर में मुस्तफा उर्फ कग्गा मारा गया. मुकीम काला ने कग्गा के गैंग की बागडोर संभाली और वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया. 

मुकीम काला के गांव में उसके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं रहता है. वे मेरठ व अन्य जगहों पर रहते हैं. हालांकि मुकीम काला को जब क्राइम के बाद पनाह लेनी होती थी तो वह अपने गांव जहानपुरा में आकर पुश्तैनी मकान में ठहरता था. लेकिन ग्रामीणों ने उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य को मकान पर आते नहीं देखा.

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