आंदोलित कर्मचारियों पर CM त्रिवेंद रावत सख्त, कहा- दबाव के आगे नहीं झुकेगी सरकार

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार दबाव के आगे नहीं झुकेगी. हम पहले भी कह चुके है कि राज्य को हड़ताली प्रदेश नहीं बनने देंगे.

आंदोलित कर्मचारियों पर CM त्रिवेंद रावत सख्त, कहा- दबाव के आगे नहीं झुकेगी सरकार
कर्मचारी संगठनों की समस्या के समाधान के लिए CM रावत ने कहा कि बातचीत के जरिए हर समस्या का समाधान निकलता है.

देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) में आंदोलन कर रहे कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने दो टूक जवाब दिया है. सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने कहा कि सरकार दबाव के आगे नहीं झुकेगी. हम पहले भी कह चुके है कि राज्य को हड़ताली प्रदेश नहीं बनने देंगे.

सरकार की कर्मचारियों को दो टूक

कर्मचारी संगठनों की समस्या के समाधान के लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बातचीत के जरिए हर समस्या का समाधान निकलता है. कर्मचारियों को भी आंदोलन की बजाय बातचीत से परेशानियों का हल निकालना चाहिए. इसी के साथ सीएम रावत ने कहा कि प्रदेश में हड़ताल का रिकॉर्ड बनाने की बजाय अच्छे काम का रिकॉर्ड बनाना चाहिए.

कर्मचारी संगठनों ने खोला मोर्चा

दरअसल, साल की शुरुआत होते ही कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. जहां एक तरफ एससी/एसटी फेडरेशन (SC/ST Federation) ने अपनी मांगों को लेकर पहले सचिवालय कूच किया, तो वहीं दूसरी तरफ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भी सीएम आवास का घेराव किया. उत्तराखण्ड जनरल ओबीसी इम्पलाइज ऐसोसिएशन भी अब आंदोलन की राह पर जाने की तैयारी में है. इसी तरह से अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने की तैयारी कर रहा है

बातचीत से निकलना चाहिए हल

प्रदेश में कर्मचारी संगठनों के आंदोलन को लेकर जानकारों का कहना है कि कर्मचारियों की जो समस्याएं है उनपर बैठकर ही हल निकाला जाना चाहिए, क्योंकि आंदोलन के चलते कामकाज पर विपरीत असर पड़ता है. खास तौर से जनता से जुड़े हुए कार्य इससे खासे प्रभावित होते हैं और आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में आंदोलन की बजाए बीच का रास्ता निकाला जाना चाहिए

प्रदेश में पहले भी हुए हैं आंदोलन  

आपको बता दें कि पूर्व में राज्य की छवि एक हड़ताली प्रदेश की रही है. कर्मचारी संगठन हों या फिर कोई अन्य संगठन सभी ने आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाकर अपनी मांग मनवाने की कोशिश की है. आंदोलन के चलते प्रदेश की छवि भी खराब हुई है. इसीलिए अबकी बार सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आंदोलनकारियों को दो टूक जवाब दे दिया है