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CM योगी का गोंडा दौरा आज, वनटांगिया गांवों को मिलेगा राजस्व ग्राम का दर्जा

वनटांगिया गांव के लोगों को 10 बीघा जमीन दी जाएगी, जिसके वो खुद मालिक होंगे. वनटांगियां गांव के लोगों मुश्किलों से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद यूपी सरकार ने ये कदम उठाया है.  

CM योगी का गोंडा दौरा आज, वनटांगिया गांवों को मिलेगा राजस्व ग्राम का दर्जा
सीएम योगी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली/लखनऊ : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (18 मई) को गोंडा के दौरे पर रहेंगे. जहां वो वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम घोषित करेंगे. जानकारी के मुताबिक, वो आमसभा को संबोधित करेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया समुदाय को संवैधानिक अधिकार दिलाने की पहल की है. वनटांगिया गांव के लोगों को 10 बीघा जमीन दी जाएगी, जिसके वो खुद मालिक होंगे. दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है. आपको बता दें कि वनटांगियां गांव के लोगों मुश्किलों से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद यूपी सरकार ने ये कदम उठाया है.  

आम नागरिक जैसी मिलेगी सुविधाएं
राजस्व ग्राम घोषित होने के बाद वनटांगियां गांव के लोगों को वो तमाम सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी, जो देश के आम नागरिक को मिलती हैं. वनटांगिया जाति के लोगों का मनरेगा में जॉब कार्ड भी बन रहा है, वनटांगिया गांवों के लोग भी यूपी सरकार की इस पहले से काफी खुश हैं. 

प्रशासन ने पूरी की तैयारी
सीएम योगी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. प्रशासन के अधिकारियों और बीजेपी नेताओं ने हेली पैड स्थल, जनसभा स्थल, पंडाल का गांव में जाकर जायजा लिया. 

अधिकारी दे रहे हैं जानकारी
आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों का टीकाकरण कर रही है, तो वहीं दूसरे विभागों के अधिकारी वनटांगिया समुदाय के लोगों को उनके अधिकारों के बारे में बताकर उन्हें जागरूक कर रहे हैं.  

कौन हैं वनटांगिया
वनटांगिया किसान वो हैं जो जंगलों को सहेजने का काम कई पीढ़ियों से कर रहे हैं. टांगिया शब्द म्यांमार के टोंगिया शब्द का अपभ्रंश है. स्थानीय भाषा में इसे पहाड़ या खेत के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है. पेड़-पौधे लगाकर पहाड़ियों का संरक्षण करने वाले टांगिया कहलाते हैं. भारत में अंग्रेजों ने वनों को संरक्षित करने के लिए मजदूर लगाए थे. इनका काम वन क्षेत्र में पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना था. इन लोगों को पौधों के बीच-बीच में 9 फीट खाली जमीन इसके एवज में दी जाती थी. इस जमीन पर फसल उगाकर अपना भरण-पोषण करते थे. यही परिवार वनटांगिया के रूप में आज भी जाने जाते हैं.

क्या होता है राजस्व गांव
राजस्व गांव का मलतब ये है कि ये गांव सरकार की रिकॉर्ड में दर्ज हो जाते हैं. इसके साथ ही केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ गांवों के विकास के लिए पैसे आते हैं.