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कार में मिली थी RTI एक्टिविस्ट की जली हुई लाश, पुलिस की जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा को गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय दोषी करार दिया है. शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए शनिवार को उम्र कैद की सजा सुनाई है. 

कार में मिली थी RTI एक्टिविस्ट की जली हुई लाश, पुलिस की जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
इस अपराध में शरीक रहने के लिए चंद्रमोहन शर्मा की प्रेमिका रही प्रीति नागर और उसके साले विदेश शर्मा को भी सजा सुनाई गई है.

नोएडा: खुद की मौत का स्वांग रचकर अपनी कार में एक मानसिक विक्षिप्त को को जिंदा जलाकर प्रेमिका संग फरार होने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा को गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय दोषी करार दिया है. शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरटीआई एक्टिविस्ट को उम्र कैद की सजा सुनाई है. इस मामले में वह पांच साल से जेल में बंद है. इस अपराध में शरीक रहने के लिए चंद्रमोहन शर्मा की प्रेमिका रही प्रीति नागर और उसके साले विदेश शर्मा को भी सजा सुनाई गई है.

ग्रेटर नोएडा में 1 मई, 2014 की रात क्रिकेट स्टेडियम के सामने एक कार में आग लगी थी. कार अल्फा-2 सेक्टर में रहने वाले चंद्रमोहन शर्मा की थी. कार में बुरी तरह जल चुकी एक लाश भी मिली थी. शुरुआती जांच में माना गया था कि कार के अंदर चंद्रमोहन शर्मा की जलकर मौत हो गई है. चंद्रमोहन की पत्नी और आम आदमी पार्टी की नेता सविता शर्मा ने कार में जिंदा जलाकर चंद्रमोहन शर्मा की हत्या के आरोप में कासना में रहने वाले कुछ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. अगस्त 2014 में चंद्रमोहन को बेंगलुरु से प्रेमिका के साथ गिरफ्तार किया गया तो सारे ड्रामे से पर्दा उठा.

दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र मोहन ने एक मई की रात एक मानसिक विक्षिप्त की कार में जलाकर हत्या कर दी थी और अपनी मौत का नाटक रचकर वह प्रेमिका प्रीति नागर के संग फरार हो गया था. पुलिस ने उसे प्रेमिका संग बेंगलुरू से गिरफ्तार किया था.

 

ग्रेटर नोएडा पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि चंद्रमोहन प्रकरण के कुछ दिन बाद उसकी एक परिचित महिला भी अचानक अपने घर से लापता हो गई है. पुलिस ने चंद्रमोहन शर्मा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल को खंगाला तो पता लगा महिला के साथ वह अक्सर लंबी बातचीत करता रहता था. पुलिस ने महिला का नंबर भी इलेक्ट्रानिक सर्विलांस पर लगा दिया, जिसके आधार पर अपनी मौत का नाटक कर लापता हुए चंद्रमोहन का सुराग हाथ लग गया.

वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि चंद्रमोहन ने अपनी पत्नी को भी फोन किया था. चंद्रमोहन शर्मा की तलाश में हरियाणा, नेपाल बार्डर तथा बेंगलूर में तीन टीमें भेजी गई थीं. जांच के बाद दो टीमें लौट आईं जबकि बेंगलुरू गई टीम ने उसे खोज निकाला. चंद्रमोहन एक महिला मित्र के साथ अपनी पहचान बदल वहां रह रहा था. इतना ही नहीं, उसने अपना नाम और पहचान बदलकर नौकरी तक ढूंढ़ ली थी.

आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रमोहन शर्मा को गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय दोषी करार दिया है. शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए शनिवार को उम्र कैद की सजा सुनाई है. इस मामले में वह पांच साल से जेल में बंद है. इस अपराध में शरीक रहने के लिए चंद्रमोहन शर्मा की प्रेमिका रही प्रीति नागर और उसके साले विदेश शर्मा को भी सजा सुनाई गई है. इन दोनों को साक्ष्य छिपाने का दोषी करार देते हुए छह-छह महीने की सजा सुनाई गई है.