उत्तराखंड: सैन्य अफसर बन शहीद पति का सपना करेंगी साकार, मेजर विभूति ने देश के लिए न्यौछावर की थी जान

पुलवामा हमले में शहीद हुए उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले मेजर विभूति ढौंडियाल की पहली बरसी पर उनकी पत्नी ने उन्हें याद किया. साथ ही वो मिसाल पेश कि जिसे दुनिया सलाम करती है. नितिका ढौंडियाल ने अपने पति की तरह देश की सेवा करने का फैसला लिया है. वो भी सेना में शामिल होकर देश के लिए कुछ करगुजरने का जज्बा रखती हैं.

उत्तराखंड: सैन्य अफसर बन शहीद पति का सपना करेंगी साकार, मेजर विभूति ने देश के लिए न्यौछावर की थी जान
शहीद की पत्नी ने पेश की मिसाल

कुलदीप नेगी/देहरादून: पुलवामा हमले में शहीद हुए उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले मेजर विभूति ढौंडियाल की पहली बरसी पर उनकी पत्नी ने उन्हें याद किया. साथ ही वो मिसाल पेश कि जिसे दुनिया सलाम करती है. नितिका ढौंडियाल ने अपने पति की तरह देश की सेवा करने का फैसला लिया है. वो भी सेना में शामिल होकर देश के लिए कुछ करगुजरने का जज्बा रखती हैं.

सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नितिका सभी आवश्यक परीक्षाओं में भी पास हो गईं हैं और अब बस इंतजार है तो उनकी ज्वॉइनिंग का. नितिका का कहना है कि यह सब कुछ महज एक दिन में नहीं हुआ है बल्कि धीरे-धीरे सब कुछ हुआ है. इसके पीछे परिवार की हौसला-अफजाई है. सभी लोगों ने मेरा साथ दिया. जिसकी वजह से आज मैंने सेना में जाने का फैसला किया.  

नितिका ने कहा कि जीवन में कभी हारना नहीं है और ना ही कभी हार माननी है , बल्कि हारने से भी बहुत कुछ सीख मिलती है. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर होकर ही इंसान कुछ सीखता है. वहीं शहीद विभूति की मां ने कहा कि निकिता अपने शहीद पति के हर सपने को साकार करना चाहती है. बस कुछ ही समय में वो सेना की वर्दी पहन कर देश की सेवा करेगी.

आपको बता दें कि पिछले साल मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल कश्मीर के पिगलिंग इलाके में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे. मंगलवार को उनके आवास पर श्रद्धांजलि सभा रखी गई. विभूति शंकर तिरंगे में लिपटकर पिछले साल 18 फरवरी को ही घर आए थे.