हाशिमपुरा नरसंहार पीड़ितों को तत्काल मुआवजा मिले : हाईकोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1987 के हाशिमपुरा नरसंहार पीड़ितों के परिजनों को अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुआवजा नहीं देने पर चिंता जताते हुए अधिकारियों से जल्द से जल्द अनुग्रह राशि देने को कहा है।

नई दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1987 के हाशिमपुरा नरसंहार पीड़ितों के परिजनों को अभी तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुआवजा नहीं देने पर चिंता जताते हुए अधिकारियों से जल्द से जल्द अनुग्रह राशि देने को कहा है।

न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति पीएस तेजी की पीठ ने कहा, ‘हमारी चिंता है कि मामला 1987 का है और राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़ितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।’ पीठ ने कहा, ‘इससे इंकार नहीं किया जा सकता कि मुआवजे का भुगतान जल्द से जल्द करने की जरूरत है।’ 

अदालत ने कहा, ‘इसको ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश को निर्देश दिया जाता है कि पीड़ितों, पीड़ितों के परिवार का पूरा ब्यौरा और सूची पेश करे जिन्हें मुआवजा दिया गया है।’ अदालत ने कहा कि मेरठ कानूनी सेवाएं प्राधिकरण के सचिव की यह जवाबदेही होगी कि वह मुआवजे के हकदार लोगों की पहचान करें और इस तरह के मुआवजे के हकदार परिजनों को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत अनुग्रह राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने उत्तरप्रदेश सरकार से कहा कि 1987 की घटना के बारे में सीबी सीआईडी की 22 जून 1989 की रिपोर्ट को इसके समक्ष पेश किया जाए।