close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

देवप्रयाग: शराब संयंत्र की मंजूरी पर VHP ने जताया विरोध, कहा- 'सरकार भावनाओं का सम्मान करे'

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीसी खंडूरी ने भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा देवप्रयाग में खोले जाने वाले शराब के निजी संयंत्र को अनुमति देने के फैसले का विरोध किया है

देवप्रयाग: शराब संयंत्र की मंजूरी पर VHP ने जताया विरोध, कहा- 'सरकार भावनाओं का सम्मान करे'
फाइल फोटो

नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने उत्तराखंड सरकार द्वारा देवप्रयाग में शराब संयंत्र (प्लांट) खोलने के फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि उसे राज्य में हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने यहां संवाददाताओं से कहा, राज्य सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. शराब माफियाओं के कारण उत्तराखंड क्षेत्र में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा है. 

भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई न करें सरकार
उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. सरकार को लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए. उत्तराखंड सरकार द्वारा देवप्रयाग जिले में शराब संयंत्र खोलने के लिए मंजूरी दी गई है. इस मंजूरी के बाद उनकी यह टिप्पणी आई.

लाइव टीवी देखें

बीसी खंडूरी ने भी जताया विरोध
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीसी खंडूरी ने भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा देवप्रयाग में खोले जाने वाले शराब के निजी संयंत्र को अनुमति देने के फैसले का विरोध किया है. देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा नदी मिलती हैं. इनके मिलने से ही गंगा नदी बनती है. उत्तराखंड के लिए इसे आत्मघाती कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि शराब बनाने के लिए पहाड़ी राज्य नहीं बनाया गया था. खंडूरी ने मीडिया से कहा, "उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में जाना जाता है और इसे ऐसा ही रहना चाहिए."

CM त्रिवेंद्र ने किया संयंत्र का बचाव
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने संयंत्र का बचाव करते हुए कहा है कि संयंत्र स्थापित करने वाली कंपनी यहां केवल निर्यात करने वाली शराब का ही उत्पादन करेगी और यह इकाई नदियों के संगम से 40 कि.मी. दूर है. उन्होंने कहा कि संयंत्र रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ ही किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने में मदद करेगा.