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UP: दिवाली पर मांगी मजदूरी, ढाबा मालिक ने कर दी पीट-पीटकर हत्या

मृत युवक की पत्नी देवकली ने बताया कि उसका पति पिछले ढाई साल से ढाबे में मजदूरी करता रहा है और रात में वहीं रुका करता था.

UP: दिवाली पर मांगी मजदूरी, ढाबा मालिक ने कर दी पीट-पीटकर हत्या
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित करने के बाद ढाबा मालिक शव को चुपचाप मुक्तिधाम ले गया और जलाने की कोशिश कर रहे थे.

बांदा: उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की नगर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को मजदूरी मांगने पर ढाबा मालिक द्वारा की गई कथित पिटाई से एक मजदूर की मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नगर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) आलोक मिश्रा ने बताया कि शनिवार सुबह दरदा-कनवारा गांव की महिला देवकली ने पुलिस को सूचना दी कि प्रधान ढाबा मालिक मजदूरी के पैसे मांगने पर उसके पति राकेश निषाद (30) की पीट-पीकर हत्या दी और अब जबरन उसके शव का अंतिम संस्कार करवा रहा है. इसी सूचना पर मुक्तिधाम पहुंच कर शव कब्जे में लिया गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है.

मिश्रा ने बताया कि इस सिलसिले में मृत राकेश की पत्नी की तहरीर पर ढाबा मालिक वीरेंद्र कुमार और उसके सहयोगी दामोदर और कमलेश रैकवार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य 15 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि मृत युवक राकेश के साथ कुछ 'गलत काम' किया गया है या फिर उसके गुप्तांग में लकड़ी या लोहे का रॉड डाला गया है, जिससे उसकी मौत हो गई है. पंचनामा भरते समय देखने में आया कि उसके गुप्तांग के बाहरी हिस्से में गंभीर चोट के निशान हैं.

सीओ ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा. उधर, मृत युवक की पत्नी देवकली ने रविवार को बताया कि उसका पति पिछले ढाई साल से ढाबे में मजदूरी करता रहा है और रात में वहीं रुका करता था. उसने आरोप लगाया कि 'शुक्रवार की शाम उसने दिवाली के त्योहार में मालिक से अपनी मजदूरी मांगने पर विवाद हुआ था. इसी दौरान उसके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई है.' 

उसने बताया कि 'ढाबा मालिक शनिवार की तड़के उसे मृत अवस्था में लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था और परिजनों को अज्ञात लोगों द्वारा मारपीट करने की सूचना दी थी. लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित करने के बाद शव को चुपचाप मुक्तिधाम ले गए और जलाने की कोशिश कर ही रहे थे कि इसी बीच सूचना पर वहां पुलिस पहुंच गई.